आईपीएस कॉलेज में अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन 18 से, देश-विदेश के आएंगे विद्वान
छिंदवाड़ा
17-Feb-26
भारतीय ज्ञान परंपरा पर होगा विचारों का मंथन
छिंदवाड़ा
जिले के शैक्षणिक इतिहास में एक नया स्वर्णिम अध्याय जुड़ने जा रहा है। राजा शंकर शाह विश्वविद्यालय एवं आईपीएस कॉलेज के संयुक्त तत्वावधान में बुधवार 18 फरवरी से 22 फरवरी तक भारतीय ज्ञान परंपरा विषय पर एक भव्य पांच दिवसीय अंतरराष्ट्रीय शैक्षणिक सम्मेलन का आयोजन किया जा रहा है। यह गरिमामय आयोजन नागपुर रोड स्थित एफडीडीआई संस्थान के सभागार में संपन्न होगा । इस ग्लोबल मंथन के विषय में राजा शंकर शाह विश्वविद्यालय के कुलगुरु डॉ. आई. पी. त्रिपाठी एवं आईपीएस कॉलेज के प्राचार्य डॉ जैमिनी खनवे ने संयुक्त रूप से जानकारी देते हुए बताया कि छिंदवाड़ा जिले के शैक्षणिक इतिहास में यह पहला अवसर है, जब इतने बड़े पैमाने पर किसी अंतरराष्ट्रीय शैक्षणिक सम्मेलन की मेजबानी की जा रही हो। भारतीय ज्ञान परंपरा की जड़ों को आधुनिक संदर्भों में खोजने और उसे वैश्विक मंच प्रदान करने के उद्देश्य से यह संगोष्ठी आयोजित की जा रही है। इस पांच दिवसीय महाकुंभ का शुभारम्भ बुधवार 18 फरवरी अपराह्न होगा. जिसमें मुख्य अतिथि के रूप में वर्धा विश्वविद्यालय की कुलगुरु प्रो कुमुद शर्मा एवं विदेशी अतिथि के रूप में इंग्लैंड से केविन बुजाड, स्वजरलैंड से थॉमस कैल, रशिया से एकेट्रीना, नेपाल से रुद्रप्रशाद उपस्थित रहेंगे। इस अवसर पर भारत के विभिन्न राज्यों से भी विषय विशेषज्ञ, शिक्षाविद और शोधार्थी शिरकत करेंगे. अंतरराष्ट्रीय स्तर के वक्ताओं की उपस्थिति से स्थानीय छात्रों और शोधार्थियों को प्राचीन भारतीय विज्ञान, दर्शन और कला के वैश्विक प्रभाव को समझने का सीधा अवसर प्राप्त होगा.

जिले के इतिहास का यह प्रथम अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन होगा। जो शैक्षणिक विकास का नया कीर्तिमान रचेगा। कुलगुरु डॉ. आई. पी त्रिपाठी ने हर्ष व्यक्त करते हुए कहा कि इस कॉन्फ्रेंस के माध्यम से छिंदवाड़ा को अंतरराष्ट्रीय पटल पर एक नई पहचान मिलेगी। प्राचीन भारतीय ज्ञान के विभिन्न आयामों जैसे वेद उपनिषद आधारित ज्ञान, खगोल विज्ञान, गणित, आयुर्वेद और योग पर गहन विमर्श होगा। आईपीएस कॉलेज के प्रो. एवं कॉन्फ्रेंस के संयोजक डॉ रणधीर झा ने बताया कि आयोजन की तैयारियां अंतिम चरण में हैं और विदेशी प्रतिनिधियों के स्वागत के लिए विशेष व्यवस्थाएं की गई हैं। यह आयोजन छिंदवाड़ा के लिए गर्व का विषय है।
इस अवसर पर विश्वविद्यालय और कॉलेज प्रबंधन समिति सदस्यों प्रो. अन्नू झा डॉ. जे के बहाने, डॉ धनाराम उइके डॉ अंकिता, डॉ बाजपेर्थी, प्रो बिनोद साहू, प्रो अमित गजभिये प्रो राजकुमार पहाड़े सोमेश मिश्रा, असीम शर्मा, रमाकांत पांडे, अश्विन सेंड ने प्रशन्नता जाहिर की एवं जिले के प्रबुद्ध नागरिकों, प्राध्यापकों और छात्र-छात्राओं से इस ऐतिहासिक कार्यक्रम का साक्षी बनने की अपील की है।