यूजीसी-नेट में माचागोरा के लाल हरिओम साहू ने पाई सफलता
छिंदवाड़ा
23-Jul-25
छिंदवाड़ा
मध्यप्रदेश शासन के पिछड़ा वर्ग तथा अल्पसंख्यक कल्याण विभाग अंतर्गत जिले में संचालित पिछड़ा वर्ग पोस्ट मैट्रिक बालक छात्रावास, खापाभाट में निवासरत एक साधारण कृषक परिवार से आने वाले छात्र हरिओम साहू ने यूजीसी नेट और स्टेट एलिजिबिलिटी टेस्ट (सेट) जैसे प्रतिष्ठित परीक्षाओं में अपने पहले ही प्रयास में उत्कृष्ट अंकों के साथ चयन प्राप्त कर जिले और समाज का नाम गौरवान्वित किया है।
मध्यप्रदेश शासन के पिछड़ा वर्ग तथा अल्पसंख्यक कल्याण विभाग अंतर्गत जिले में संचालित पिछड़ा वर्ग पोस्ट मैट्रिक बालक छात्रावास, खापाभाट में निवासरत एक साधारण कृषक परिवार से आने वाले छात्र हरिओम साहू ने यूजीसी नेट और स्टेट एलिजिबिलिटी टेस्ट (सेट) जैसे प्रतिष्ठित परीक्षाओं में अपने पहले ही प्रयास में उत्कृष्ट अंकों के साथ चयन प्राप्त कर जिले और समाज का नाम गौरवान्वित किया है।

संघर्ष की मिट्टी से सफलता की ऊंचाई तक
हरिओम साहू मूलतः माचागोरा डेम क्षेत्र से आते हैं। एक कृषक परिवार में जन्मे हरिओम के जीवन में संसाधनों की कमी जरूर थी, परंतु हौसले की कोई कमी नहीं थी। उन्होंने छात्रावास में रहते हुए कठिन परिश्रम और अनुशासित जीवनशैली के माध्यम से यह मुकाम हासिल किया। हरिओम की सफलता का सबसे बड़ा श्रेय उनकी माताश्री शांति देवी, पिता श्री संतोष साहू और उनके गुरुजनों को जाता है, जिनके मार्गदर्शन और आशीर्वाद ने उनके आत्मविश्वास को मजबूत किया। साथ ही छात्रावास के सहयोगी वातावरण ने उनके अध्ययन में निरंतरता और समर्पण बनाए रखा।
प्रशासन और विभागीय सहयोग बना प्रेरणा- हरिओम साहू ने अपनी सफलता के पीछे कलेक्टर शीलेन्द्र सिंह, पिछड़ा वर्ग तथा अल्पसंख्यक कल्याण विभाग के सहायक संचालक संगीत देशमुख तथा छात्रावास के अधीक्षक तुलाराम चौरे को विशेष रूप से धन्यवाद दिया है। उनके सहयोग और प्रेरणा से ही हरिओम को कठिन परिस्थितियों में भी मार्गदर्शन और सुविधाएँ प्राप्त हुईं। हरिओम की यह सफलता न केवल उनके परिवार और मित्रों के लिए गर्व का विषय है, बल्कि जिले और राज्य के उन सैकड़ों विद्यार्थियों के लिए प्रेरणा है, जो सीमित संसाधनों में भी बड़े सपनों को पूरा करना चाहते हैं। यह कहानी बताती है कि यदि संकल्प और समर्पण हो, तो कोई भी बाधा सफलता की राह में दीवार नहीं बन सकती।