Home News Helpline Classified Jobs About Contact

सर्वजातीय ओबीसी समाज का महासंगम 27 अक्टूबर को

सर्वजातीय ओबीसी समाज का महासंगम 27 अक्टूबर को
छिंदवाड़ा
22-Oct-26
छिंदवाड़ा अपडेट 

ओबीसी के 27 प्रतिशत आरक्षण के संबंध में वर्ष 2019 से लंबित याचिका का निराकरण 9 अक्टूबर 2026 को हाईकोर्ट जबलपुर के द्वारा 7 वर्ष के बाद निराकरण किया गया है, जिसमें 27 प्रतिशत आरक्षण तत्कालीन सरकार द्वारा मार्च 2019 में ओबीसी वर्ग के लिये अध्यादेश लाकर कानून बनाया था, और उसे लागू किया गया, लेकिन उसी दौरान 2019 में यू.पी.एस.सी., एस.एस.सी. परीक्षायें सरकार द्वारा सरकारी एजेंसी के माध्यम से आयोजित करवायी गयी थी जिसमें 27 प्रतिशत आरक्षण ओेबीसी को दिये जाने की विज्ञप्ति जारी की गई थी, उसी आधार पर प्रतियोगी परीक्षाओं में बड़ी संख्या में ओबीसी के छात्र-छात्राओं ने भाग लिया था, और परीक्षायें उत्तीर्ण कर ली थी, वहीं दूसरे वर्ग को इसी परीक्षा में चयन कर लिया गया। 

 एस.सी. की आबादी 15.6 प्रतिशत को 16 प्रतिशत आरक्षण और एस.टी. वर्ग की आबादी 21 प्रतिशत को 20 प्रतिशत आरक्षण एवं ओबीसी को 27 प्रतिशत आरक्षण के तहत् भर्ती किया जाना था एवं सामान्य वर्ग की आबादी 12 प्रतिशत को 10 प्रतिशत ई.डब्लू.एस. आरक्षण दिया गया किन्तु तत्कालीन सरकार के बाद वर्तमान सरकार विगत लंबे समय से सत्ता में है, यह सरकार सत्ताधीन होते ही पुरानी तत्कालीन सरकार के फैसले से नाखुश है या नहीं आज दिनांक तक स्पष्ट मंशा दृष्टिगोचर नहीं हुई है । 

वर्ष 2019 से बिना सुुप्रीम कोर्ट या हाईकोर्ट के आदेश या स्थगन आदेश से आखिर किसके आदेश से 13 प्रतिशत ओबीसी के बच्चों का होल्ड करके सभी को नौकरी पर रख लिया गया, सिर्फ ओबीसी के बच्चों को न्याय नहीं मिल पाया, उनका हक व अधिकार संवैधानिक होने के बाद भी ओबीसी वर्ग के बच्चे दर-दर की ठोकरें खा रहे है, रिट पिटीशन एक ही वर्ग विशेष के बच्चों ने शिक्षा के लिये अशिता दुबे डब्लू.पी. 5901/2019, शांतिलाल जोशी एवं अन्य डब्लू.पी. 3757/2020, प्रत्युश द्विवेदी डब्लू.पी. 16552/2019, शिवम गौतम डब्लू.पी. 3668/2022 के द्वारा लगायी गयी थी ।  इस  पिटीशन पर सरकार की ओर से शासकीय महाधिवक्ता हाईकोर्ट  जबलपुर प्रशांत सिंग एवं सुप्रीम कोर्ट में तुषार मेहता ने पैरवी की और 2019 से 2026 के बीच सरकार की ओर से नियुक्त इन शासकीय अधिवक्ताओं को 19.03.19 से 09.10.26 तक करोड़ों रूपयों फीस जो  कि  जनता के टेक्स का पैसा है सरकार ने भुगतान किया गया फिर भी ओबीसी वर्ग को न्याय इसलिए नहीं मिला क्योंकि उन्होनें सरकार का पक्ष मजबूती सेे आयोग की रिपोर्ट सहित नहीं रखा जिसके परिणामस्वरूप ओबीसी का आरक्षण 27 प्रतिशत से घटकर 14 प्रतिशत रह गया है जिससे ओबीसी वर्ग आहत एवं बच्चे न्याय पाने से वंचित हुये हैं एवं छात्र-छात्राओं में आक्रोष व्याप्त है । जिसे लेकर सर्वजातीय ओबीसी समाज द्वारा  22 अक्टूबर  गुरूवार को स्थानीय पवार मंगल भवन छिंदवाड़ा में प्रेस वार्ता का आयोजन किया गया ।

 इसमें मुख्य रूप से एड. देवेन्द्र वर्मा, केशव साहूू, मुन्ना पवार, डी.के. श्रीवास, अनिल यादव, दिनेश बंदेवार, राजेश दोड़के, श्रीचंद चैरिया, आर.एस. सराठे, सहदेव बननाईत सहित अन्य ओबीसी कोर कमेटी के लोेग सम्मिलित रहे ।

 उक्ताशय की जानकारी डी.के. श्रीवास ने देते हुये बताया कि इसे  लेकर आगामी 27 अक्टूबर दिन मंगलवार को दोपहर 11 बजे से 2 बजे के बीच महासंगम का आयोजन पवार मंगल में किया जावेगा । इसके पश्चात् रैली के रूप में कलेक्टर छिंदवाड़ा के माध्यम से सर्वजातीय ओबीसी समाज की ओर से राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, विधि विधायी कार्य विभाग मंत्री एवं राज्यपाल, मुख्यमंत्री के नाम सहित जनप्रतिनिधियों को 12 मांगो को लेकर ज्ञापन सौंपा जायेगा । जिसमें मुख्य रूप से जातिगत जनगणना कराये जानेे, सरकार द्वारा अध्यादेश लाने और 9 वीं अनुसूची में शामिल किये जानेे एवं 13 प्रतिशत होल्ड किये गये बच्चों के भविष्य को सुरक्षित किये जाने की मांग शामिल है । 
Share News On