एक दिन के लिए ही गौधुली के वृद्धजनों के चेहरे पर आई मुस्कान
छिंदवाड़ा
01-Oct-26
अंतर्राष्ट्रीय वृद्धजन दिवस पर गौंधुली वृद्धाश्रम में वृद्धजन सम्मान समारोह आयोजित
शॅाल, श्रीफल और पुष्पहार से हुआ वरिष्ठजनों का सम्मान, कवियों ने प्रस्तुत कीं भावपूर्ण रचनाएं

छिन्दवाडा अपडेट
अंतर्राष्ट्रीय वृद्धजन दिवस के अवसर पर गुरुवार को गौंधुली वृद्धाश्रम छिन्दवाड़ा में वृद्धजन सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। अपनों के द्वारा ठुकराए जाने वाले इन दुखी वृद्धजनों के चेहरे पर एक दिन के लिए ही सही मीठी मुस्कान आई। जिला प्रशासन और सामाजिक न्याय एवं दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित इस कार्यक्रम में अतिथियों द्वारा वृद्धजनों का शॉल, श्रीफल एवं पुष्पहार भेंट कर सम्मान किया गया।
कवियों की रचनाओं ने बांधा समां
समारोह में छिन्दवाड़ा एवं अन्य जिलों से आए कवियों ने वृद्धजनों के सम्मान, माता-पिता के प्रति प्रेम, पारिवारिक रिश्तों और जीवन के अनुभवों पर आधारित अपनी भावपूर्ण रचनाएं प्रस्तुत कीं। कवियों ने अपनी-अपनी शैली में काव्य पाठ करते हुए वरिष्ठजनों के सम्मान और परिवार में उनके महत्व को रेखांकित किया।
वृद्धजन सबसे ऊपर हैं, उनका अनुभव समाज की पूंजी है रू कलेक्टर श्री नारायन
इस अवसर पर कलेक्टर श्री हरेंद्र नारायन ने कहा कि अंतर्राष्ट्रीय वृद्धजन दिवस पूरे विश्व में मनाया जाता है। इसका सीधा अर्थ है कि समाज में वृद्धजनों का स्थान सबसे ऊपर है। उन्होंने कहा कि बुजुर्गों का अनुभव और ज्ञान ऐसी पूंजी है, जिससे समाज और नई पीढ़ी दोनों को सीख मिलती है। कलेक्टर श्री नारायन ने वृद्धाश्रम में रह रहे वरिष्ठजनों से आत्मीय संवाद करते हुए कहा कि यदि आप यहां हैं तो दुखी होने की जरूरत नहीं है। आप सभी की देखभाल करना प्रशासन की जिम्मेदारी है और हम यह जिम्मेदारी निभाएंगे। यह स्थान भी आपका अपना घर है और यहां सभी लोग परिवार की तरह रहें, यही प्रयास है। यदि कोई बुजुर्ग वृद्धाश्रम में रह रहा है तो यह उसकी कमी नहीं है, बल्कि उन परिजनों की कमी है जो उसे यहां छोड़कर चले गए।
माता-पिता का स्थान वृद्धाश्रम नहीं, परिवार के बीच होना चाहिए: श्री शेषराव यादव
श्री शेषराव यादव ने कहा कि यह बड़ी विडंबना है कि वृद्धजन दिवस का आयोजन वृद्धाश्रम में करना पड़ रहा है, जबकि वास्तव में यह दिन बुजुर्गों के अपने घरों में मनाया जाना चाहिए था। उन्होंने कहा कि जो लोग अपने माता-पिता को घर में नहीं रख पाते, वे दिल से गरीब होते हैं। यहां रहने वाले अधिकांश बुजुर्ग गांवों के नहीं बल्कि शहरों के हैं और उनके बच्चे अच्छी नौकरियों में हैं। उन्होंने सभी से अपने माता-पिता और परिवार के बुजुर्गों का सम्मान करने तथा उनकी देखभाल करने का आग्रह किया।
वरिष्ठजन हमारे लिए हैं प्रेरणास्त्रोत: महापौर विक्रम अहके
नगर निगम महापौर श्री विक्रम अहके ने कहा कि वरिष्ठजनों ने जीवन में वह सब देखा और सीखा है, जिसे आज की पीढ़ी समझने और सीखने का प्रयास कर रही है। बुजुर्ग समाज और परिवार की सबसे बड़ी ताकत होते हैं और वे सभी के लिए प्रेरणा का स्रोत हैं। वास्तव में वृद्धाश्रम की आवश्यकता ही नहीं होनी चाहिए, लेकिन यदि किसी कारणवश वरिष्ठजन यहां रह रहे हैं तो शासन और प्रशासन पूरी तरह उनके साथ खड़ा है। सभी बुजुर्गों के चेहरे पर मुस्कान बनी रहे, यही हम सभी की कामना है।
कार्यक्रम में कलेक्टर श्री हरेंद्र नारायन, नगर निगम महापौर श्री विक्रम अहके, श्री शेषराव यादव, श्री संजय पटेल, श्री माइकल पहाड़े सहित अन्य जनप्रतिनिधि, उप संचालक सामाजिक न्याय एवं दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग एवं डिप्टी कलेक्टर श्री पुष्पेन्द्र निगम, नगर निगम कमिश्नर श्री सी.पी.राय सहित अन्य अधिकारी, जिले एवं अन्य जिलों से आए कवि तथा बड़ी संख्या में वरिष्ठजन उपस्थित थे । अतिथियों ने वृद्धाश्रम में रह रहे वरिष्ठजनों से मुलाकात कर उनका हालचाल जाना तथा उनके साथ समय भी बिताया।