आदिवासी युवक की पिटाई मामले में वन रक्षक पर एफआईआर
छिंदवाड़ा
11-Jul-25
सागौन चोरी का संदेह, राजनीतिक हस्तक्षेप से मामला उलझा
छिंदवाड़ा
बफर जोन कुंभपानी वन परिक्षेत्र सिंगारदीप में सागौन चोरी के संदेह में एक आदिवासी युवक की पिटाई का मामला राजनीतिक और सामाजिक हस्तक्षेप के बाद उलझ गया। मामले में वन रक्षक के खिलाफ पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर ली है तो वहीं वन विभाग ने वनरक्षक को बीट प्रभार से मुक्त कर जांच कमेटी बैठाई है और अंतिम निर्णय जांच के बाद आए निर्णय पर लिया जाएगा।

मिली जानकारी के अनुसार गुरूवार की शाम सिंगारदीप निवासी शिवपाल उइके ने बिछुआ थाने में शिकायत दर्ज कराई कि वनरक्षक संजय नामदेव ने उसे खेत के पास रोका और बिना कोई पूछताछ किए उसे पीटना शुरू कर दिया। शिवपाल ने अपनी शिकायत में पुलिस को बताया कि उसे डंडे से पीटा गया जिससे उसके शरीर में पिटाई के निशान उभर गए और उसे सूजन के साथ दर्द भी हो रहा है। पुलिस ने शिवपाल की शिकायत पर वनपाल संजय नामदेव पर धारा 296, 115 (2), 351 (3) के साथ अनुसूचित जाति/जनजाति अत्याचार निवारण अधिनियम की धारा 3 (5) और 3 (1) के तहत मामला दर्ज किया है। मामले की गंभीर को देखते हुए चौरई विधायक सुजीत चौधरी और चौरई एसडीओपी भारती जाट भी मौके पर पहुंचे थे। इधर वन विभाग के वनरक्षक का कहना है कि शिवपाल को सागौन के साथ खेत में पकड़ा था जबकि उसके साथी मौके सेफरार हो गए थे। 7 जुलाई को सागौन चोरी के शकर में युवक को रेंज ऑफिस लाया गया था जहो उसका मेडिकल कराया गया और विभागीय कार्रवाई कर जुर्माना वसूलने के बाद 8 जुलाई को उसे छोड़ दिया गया था। वन विभाग की रेंजर मार्तण्ड मरावी ने बताया कि घटना की जानकारी लगते ही वनरक्षक को बीट से हटा दिया गया है और दो सदस्यीयटीम का गठन कर मामले की जांच के आदेश दिए गए हैं।