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जानिए दीपावली पर आज कब है लक्ष्मी पूजन का शुभ मुहूर्त

जानिए दीपावली पर आज कब है लक्ष्मी पूजन का शुभ मुहूर्त
धर्म
08-Nov-26
छिंदवाड़ा अपडेट

कार्तिक मास की अमावस्या की रात्रि, जब घर-आँगन में दीपों की पंक्तियाँ सजती हैं और वातावरण भक्ति एवं उल्लास से भर उठता है, तब दीपावली का पावन पर्व जीवन में नई आशा और मंगल का संदेश लेकर आता है। यह उत्सव अपने अंतर्मन को प्रकाशित करने, सद्कर्मों की ओर बढ़ने और जीवन में धर्म, करुणा एवं सद्भाव को स्थान देने का पर्व है।

सनातन परंपरा में दीपावली को सुख-समृद्धि, शुभता और आध्यात्मिक जागरण से जोड़कर देखा जाता है। इस दिन भक्त माता लक्ष्मी और भगवान गणेश की आराधना करते हैं तथा परिवार की सुख-शांति एवं समृद्धि की कामना करते हैं। साथ ही, जरूरतमंदों के जीवन में प्रसन्नता लाने और सेवा के माध्यम से पर्व की सार्थकता बढ़ाने का संकल्प भी लेते हैं।

दीपावली - लक्ष्मी पूजन - मुख्य दिन

तारीख - 8 नवंबर 2026, रविवार
अमावस्या - सुबह 11.27 से 9 नवंबर दोपहर 12.31 तक
लक्ष्मी पूजन महामुहूर्त - शाम 5.54 से 7.50 तक
प्रदोष काल - 5.31 से 8.09
वृषभ लग्न - 5.54 से 7.50 (इसी में पूजा श्रेष्ठ)
क्या करना चाहिए - गणेश लक्ष्मी, कुबेर, सरस्वती, बही खाता पूजन। 5 घी के दीपक लक्ष्मी जी के सामने। 
महत्व - कार्तिक अमावस्या के दिन भगवान श्रीराम, माता सीता और भाई लक्ष्मण 14 वर्ष के वनवास के बाद अयोध्या वापस आए थे। उनके आगमन की खुशी में नगरवासियों ने दीपक जलाकर प्रभु का स्वागत किया था। इसलिए दीवाली के दिन दीपक जलाना सबसे शुभ माना जाता है। दीयों की रोशनी अज्ञानता के अंधकार को मिटाकर जीवन में ज्ञान, सुख और समृद्धि लाती है।

 गोवर्धन पूजन - अन्नकूट - बैल पूजन

तारीख - 10 नवंबर 2026, मंगलवार
तिथि - 9 नवंबर दोपहर 12.31 से 10 नवंबर 2.00 तक
मुहूर्त - सुबह 6.40 से 8.50 और दोपहर 3.46 से 6.02
क्या करें - गोवर्धन पर्वत (गोबर से बनाकर) की पूजा, 56 भोग अन्नकूट, बैलों की पूजा इसी दिन होती है।
महत्व - दीपोत्सव के चौथे दिन गोवर्धन पूजा होती है। पौराणिक कथा के अनुसार, द्वापर युग में ब्रज के लोग देवराज इंद्र की पूजा करते थे। एक दिन भगवान श्रीकृष्ण ने ब्रजवासियों से कहा कि हमें गोवर्धन पर्वत की पूजा-अर्चना करनी चाहिए, जिससे हमारी गायों को चारा और हमें जीवन मिलता है। इसी दिन भगवान कृष्ण ने इंद्र का अहंकार तोड़ा था और गोवर्धन पर्वत उठाकर ब्रजवासियों की रक्षा की थी। इसके बाद लोगों ने प्रभु को 56 भोग अर्पित किए और दीप जलाए। इसी वजह से गोवर्धन पूजा के दिन दीपक जलाने का विधान है।

 भाई दूज - यम द्वितीया

तारीख - 11 नवंबर 2026, बुधवार
तिलक मुहूर्त - दोपहर 1.10 से 3.20 तक
क्या करना - बहन भाई के माथे पर तिलक, यम और यमुना की कथा। भाई को भोजन। चित्रगुप्त पूजन।
महत्व - यह पर्व भाई-बहन के अटूट प्रेम का प्रतीक है। मान्यता है कि इस दिन यमराज अपनी बहन यमुना के घर गए थे। इस दिन बहनें अपने भाई की लंबी उम्र, अच्छे स्वास्थ्य और सुख-समृद्धि की कामना करते हुए उनका तिलक करती हैं और दीप जलाकर उनकी आरती उतारती हैं।

दीपावली पर लें सद्कर्मों का संकल्प

दीपावली हृदय में भक्ति, विचारों में पवित्रता और कर्मों में परोपकार का प्रकाश जगाने का अवसर है। माता लक्ष्मी और भगवान गणेश की आराधना करते हुए हम यह संकल्प लें कि अपने जीवन में सत्य, सदाचार, विनम्रता और करुणा को स्थान देंगे। इस दीपावली अपने परिवार के साथ प्रेम बाँटें, प्रकृति के प्रति जिम्मेदारी निभाएँ, जरूरतमंदों की सहायता करें और उत्सव को उल्लासपूर्ण ढंग से मनाएँ। दीपों की ज्योति हमें हर दिन यह स्मरण कराती रहे कि सच्चा प्रकाश वही है, जो हमारे भीतर के अज्ञान को दूर करे और दूसरों के जीवन में भी आशा जगाए।
माता महालक्ष्मी और भगवान गणेश की कृपा से सभी के जीवन में सुख, शांति, सद्बुद्धि और मंगल का वास हो। हर घर में प्रेम का दीप जले और हर हृदय सेवा एवं सद्भाव से आलोकित हो।

आप सभी को दीपावली 2026 की हार्दिक शुभकामनाएँ।
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