किसानों ने कलेक्टर से कहा यूरिया वितरण व्यवस्था में हो सुधार
छिंदवाड़ा
29-Jul-25
कलेक्टर ने बिछुआ के यूरिया वितरण केंद्र का किया औचक निरीक्षण
छिंदवाड़ा
यूरिया की पर्यात उपलब्धता न होने से परेशान किसान की सच्चाई जानने कलेक्टर स्वयं मैदान में उतरे। मंगलवार को वे बिछुआ पहुंचे और उन्होंने मध्यप्रदेश राज्य सहकारी विपणन संघ मर्यादित के भंडारण केंद्र, बिछुआ का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने केंद्र में यूरिया की उपलब्धता, भंडारण की स्थिति और वितरण व्यवस्था की जानकारी ली। इस अवसर पर कलेक्टर श्री सिंह ने केंद्र में उपस्थित किसानों से भी चर्चा की और उनसे यूरिया वितरण को लेकर फीडबैक प्राप्त किया। किसानों ने वितरण में सुधार की बात कही, जिस पर कलेक्टर श्री सिंह ने आश्वस्त किया कि जिले में निरंतर रैक प्राप्त हो रही हैं और किसानों की जरूरतों को प्राथमिकता के आधार पर पूरा किया जाएगा।
यूरिया की पर्यात उपलब्धता न होने से परेशान किसान की सच्चाई जानने कलेक्टर स्वयं मैदान में उतरे। मंगलवार को वे बिछुआ पहुंचे और उन्होंने मध्यप्रदेश राज्य सहकारी विपणन संघ मर्यादित के भंडारण केंद्र, बिछुआ का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने केंद्र में यूरिया की उपलब्धता, भंडारण की स्थिति और वितरण व्यवस्था की जानकारी ली। इस अवसर पर कलेक्टर श्री सिंह ने केंद्र में उपस्थित किसानों से भी चर्चा की और उनसे यूरिया वितरण को लेकर फीडबैक प्राप्त किया। किसानों ने वितरण में सुधार की बात कही, जिस पर कलेक्टर श्री सिंह ने आश्वस्त किया कि जिले में निरंतर रैक प्राप्त हो रही हैं और किसानों की जरूरतों को प्राथमिकता के आधार पर पूरा किया जाएगा।

225 मीट्रिक टन यूरिया और आएगी
कलेक्टर श्री सिंह ने निर्देश दिए कि उर्वरक वितरण में पारदर्शिता रखी जाए और यह सुनिश्चित किया जाए कि किसी भी किसान को अनावश्यक परेशानी न हो। अधिकारीगण ने बताया कि केंद्र में वर्तमान में 53 मीट्रिक टन यूरिया उपलब्ध है और शीघ्र ही 225 मीट्रिक टन यूरिया प्राप्त होने वाली है। निरीक्षण के दौरान कलेक्टर श्री सिंह ने स्टॉक पंजी, वितरण रजिस्टर, वाहनों की लोडिंग प्रक्रिया तथा परिसर की साफ-सफाई का भी अवलोकन किया और आवश्यक निर्देश दिए। इस दौरान चौरई एसडीएम प्रभात मिश्रा, उप संचालक कृषि जितेन्द्र कुमार सिंह सहित अन्य अधिकारी भी साथ में थे।
नैनो यूरिया के उपयोग की दी जानकारी
निरीक्षण के दौरान साथ में उपस्थित कृषि वैज्ञानिक डॉ.राउत द्वारा किसानों को नैनो यूरिया के उपयोग के बारे में जानकारी दी गई। उन्होंने बताया कि नैनो यूरिया परंपरागत यूरिया की तुलना में अधिक लाभदायक है। इसकी कम मात्रा में ही बेहतर परिणाम मिलते हैं, जिससे भूमि की उर्वरता भी बनी रहती है और लागत भी कम आती है। उन्होंने किसानों से आग्रह किया कि वे पारंपरिक यूरिया की बजाय नैनो यूरिया को अपनाएं, ताकि उत्पादकता में वृद्धि हो सके।