जिला जेल में स्वास्थ्य के बहाने नशे का परीक्षण?
छिंदवाड़ा
26-Jul-25
छिंदवाड़ा
जिला जेल में कैदियों द्वारा नशा किया जा रहा है और उन्हें नशे से दूर रहने की हिदायत दी जा रही है। शनिवार को जिला जेल में आयोजित एक कार्यक्रम से तो यही स्पष्ट हो रहा है। इस कार्यक्रम में बकायदा जिला जेल के अधिकारियों के साथ आयोजनकर्ता टीम के सदस्य भी दिखाई दे रहे हैं। दरअसल जिला जेल में शनिवार को मेडिकल कॉलेज के डॉक्टरों की टीम ने स्वास्थ्य शिविर का आयोजन किया। जिसमें मासिक बंदियों के स्वास्थ्य की जांच की गई लेकिन इन डॉक्टरों की टीम ने यहां ‘नशे से दूरी है जरूरी’ जैसा कार्यक्रम भी कर डाला। क्या जेल के बंदी जेल के अंदर नशा कर रहे हैं जो उन्हें नशे के दुष्परिणाम बताने के लिए कार्यक्रम का आयोजन किया गया। यदि वे जेल के अंदर नशा कर रहे हैं तो जेल अधीक्षक सहित यहां सुरक्षा के लिए तैनात सुरक्षाबल क्या कर रहा है? यदि जेल में नशा नहीं हो रहा है तो डॉक्टरों की टीम ने स्वास्थ्य के साथ ‘नशे से दूरी है जरूरी’ जैसा कार्यक्रम जिला जेल में कैसे कर दिया। बकायदा इस कार्यक्रम में डॉक्टरों की टीम के साथ जेल के अधिकारी भी दिखाई दे रहे हैं।
जिला जेल में कैदियों द्वारा नशा किया जा रहा है और उन्हें नशे से दूर रहने की हिदायत दी जा रही है। शनिवार को जिला जेल में आयोजित एक कार्यक्रम से तो यही स्पष्ट हो रहा है। इस कार्यक्रम में बकायदा जिला जेल के अधिकारियों के साथ आयोजनकर्ता टीम के सदस्य भी दिखाई दे रहे हैं। दरअसल जिला जेल में शनिवार को मेडिकल कॉलेज के डॉक्टरों की टीम ने स्वास्थ्य शिविर का आयोजन किया। जिसमें मासिक बंदियों के स्वास्थ्य की जांच की गई लेकिन इन डॉक्टरों की टीम ने यहां ‘नशे से दूरी है जरूरी’ जैसा कार्यक्रम भी कर डाला। क्या जेल के बंदी जेल के अंदर नशा कर रहे हैं जो उन्हें नशे के दुष्परिणाम बताने के लिए कार्यक्रम का आयोजन किया गया। यदि वे जेल के अंदर नशा कर रहे हैं तो जेल अधीक्षक सहित यहां सुरक्षा के लिए तैनात सुरक्षाबल क्या कर रहा है? यदि जेल में नशा नहीं हो रहा है तो डॉक्टरों की टीम ने स्वास्थ्य के साथ ‘नशे से दूरी है जरूरी’ जैसा कार्यक्रम जिला जेल में कैसे कर दिया। बकायदा इस कार्यक्रम में डॉक्टरों की टीम के साथ जेल के अधिकारी भी दिखाई दे रहे हैं।

सबसे बड़ा सवाल?
जिला जेल में बंदियों का स्वास्थ्य परीक्षण अच्छा कार्य है जो समय-समय पर जिला जेल में आयोजित होता रहता है। कई बार यहां स्वयंसेवी संगठनों के माध्यम से भी अच्छे और सार्थक कार्यक्रम आयोजित होते हैं जो कैदियों के लिए लाभकारी होते हैं। लेकिन शनिवार को मेडिकल कॉलेज छिंदवाड़ा के डॉक्टरों द्वारा आयोजित स्वास्थ्य के साथ ‘नशे से दूरी है जरूरी’ कार्यक्रम ने मेडिकल कॉलेज में पढ़ने वाले डॉक्टरों के साथ-साथ जिला जेल में पदस्थ अधिकारी-कर्मचारियों पर भी प्रश्न चिन्ह खड़ा कर दिया है। जिला जेल में नशा हो रहा है तो कार्यक्रम जरूरी है और यदि नशा नहीं हो रहा है तो सरकारी अभियान के अंतर्गत होने वाले कार्यक्रमों को कैसे औपचारिक रूप से मनाया जाता है इसका एक उदाहरण बन गया हैं।
शनिवार को जिला जेल में ये हुआ
अधीक्षक जिला जेल छिंदवाड़ा प्रतीक कुमार जैन के मार्गदर्शन में आज जिला जेल छिंदवाड़ा में शासकीय मेडिकल कॉलेज जिला छिंदवाड़ा के चिकित्सकों के द्वारा मासिक बंदी स्वास्थ्य शिविर एवं ‘नशे से दूरी हैं जरुरी’ अभियान के तहत कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जिसमें डॉ.अनिल कुमार रायचूर, डॉ.शशिकांत आर्य, डॉ. पूनम ठाकुर, डॉ.पवन नंदकर, डॉ.चंद्र शेखर जायसवाल, डॉ.सुशील दुबे, डॉ.अलीशा खान, डॉ. कीर्ति वाघमारे, डॉ.पंकज कुशवाह, डॉ.दीप सवालिया, डॉ.वैभव नेमा, डॉ.अनामिका उइके, डॉ.अमित घनघोरिया, डॉ.मुकेश यादव एवं जेल चिकित्सक डॉ.वीरेंद्र बघेल सम्मिलित रहें एवं जेल बंदीओ द्वारा ‘नशे से दूरी हैं जरुरी’ अभियान के तहत विशेष प्रस्तुति दी गई।