गौसेवकों को डेढ़ साल बाद भी नहीं मिला पशु गणना का नहीं मिला मानदेय
छिंदवाड़ा
10-Jun-26
मध्यप्रदेश गौसेवक मैत्री संघ ने उपसंचालक को ज्ञापन देकर बताई समस्या
छिंदवाड़ा
मध्यप्रदेश गौसेवक मैत्री संघ के जिलाध्यक्ष अशोक बुनकर ने बताया कि उपसंचालक पशुपालन एवं डेयरी विभाग छिंदवाड़ा को गौसेवकों द्वारा एक वर्ष पूर्व शासन के आदेश पर पशुगणना का कार्य करवाया गया था, जिसका मानदेय गौसेवकों को आज तक नहीं मिल पाया है । गौसेवकों ने मानदेय प्राप्त करने के लिये कई बार उच्च अधिकारियों से निवेदन किया परंतु उनकी कोई सुनवायी नहीं हुई । आज तक पशु गणना को लगभग डेढ़ वर्ष पूर्ण हो चुके हैं, बावजूद गौसेवकों को उनके मानदेय का भुगतान नहीं किया गया है, जबकि पूर्व में जब भी शासन द्वारा पशु गणना करवायी जाती थी उन्हे 4 माह के अंदर मानदेय प्राप्त हो जाता था।
वर्तमान समय में पशुपालन एवं डेयरी विभाग गौसेवकों से एफ.एम.डी., वैक्सीनेशन, सातवें चरण का कार्य कराया जा रहा है, जिसका एक पशु पर मानदेय 5 रूपये बनता है उसमें भी पशुओं को टैग लगाओ, बिल्ला लगाओ, वैक्सीन लगाओ, फोटो खींचो, ऑन लाईन करो तब 5 रूपये मिलता है, जबकि इन सब कार्याे का कम से 50 रूपये प्रति पशु पर मिलना चाहिये ।
पशुपालन विभाग ने दुग्ध समृद्धि प्रथम चरण का कार्य गौसेवकों से करवाया उसका भी मानदेय नहीं मिला, ये सब मानदेय 2 वर्ष बीत जाने के बाद मिलता है तब तक गौसेवक क्या करें । क्योंकि इन्हे तो प्रत्येक माह कोई मानदेय नहीं मिलता है और जो कार्य करते हैं उसका भी मानेदय 2-2 वर्ष बाद दिया जाता है । श्री बुनकर ने बताया कि वर्तमान भाजपा सरकार से कई बार गौसेवकों एवं मैत्रियों को प्रतिमाह मानदेय दिलाने के लिये ज्ञापन दिये गये परंतु कोई सुनवायी नहीं हुई, बस इनसे आउटसोर्स कर्मचारी बनकर कार्य करवाया जाता है औीर नहीं देने पर कार्य से बंद करने का, सामग्री जमा करने का एवं अन्य व्यक्ति की नियुक्ति करने का नोटिस दिया जाता है । वहीं कृत्रिम गर्भाधान केन्द्र इमलीखेड़ा के अंतर्गत संस्था अतरवाड़ा केन्द्र में गौसेवकों मैत्रियों को कृत्रिम गर्भाधान करने के लिये नाइट्रोजन गैस, सीमन, एस्ट्रा नहीं देकर किसी प्रायवेट व्यक्ति को दिया जा रहा है इस बात को लेकर भी संचालक को ज्ञापन सौंपा गया ।