पीने के पानी की गुणवत्ता पर विशेष निगरानी रखने कलेक्टर ने दिए निर्देश
छिंदवाड़ा
02-Sep-26
वर्षाकाल में जल स्रोतों की नियमित जांच करने कहा
लगातार क्लोरिनेशन सुनिश्चित करें अधिकारी
जल जीवन मिशन के कार्यों की कलेक्टर ने की विस्तृत समीक्षा

छिन्दवाडा
जल जीवन मिशन के अंतर्गत जिले में लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के प्रगतिरत कार्यों तथा जल निगम से संबंधित योजनाओं की प्रगति की समीक्षा के लिए बुधवार को कलेक्टर कार्यालय के मिनी सभाकक्ष में कलेक्टर हरेंद्र नारायन की अध्यक्षता में बैठक आयोजित की गई। बैठक में कलेक्टर श्री नारायन ने जिले में संचालित जल जीवन मिशन के कार्यों की प्रगति, पेयजल की उपलब्धता, जल स्रोतों की स्थिति तथा पेयजल की गुणवत्ता से जुड़े विषयों पर अधिकारियों से विस्तार से जानकारी ली। बैठक में महाप्रबंधक जल निगम, कार्यपालन यंत्री लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी खंड छिंदवाड़ा एवं परासिया सहित लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के सभी सहायक यंत्री, उपयंत्री एवं संबंधित अधिकारी उपस्थित थे।
गति और गुणवत्ता के साथ कार्यों में प्रगति लाने के निर्देश
बैठक में कार्यपालन यंत्री लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग द्वारा जिले में जल जीवन मिशन के अंतर्गत संचालित विभिन्न कार्यों की प्रगति का पॉवर प्वाइंट प्रेजेंटेशन के माध्यम से विस्तृत प्रस्तुतिकरण दिया गया। इसमें जल जीवन मिशन की वर्तमान स्थिति, पूर्ण एवं प्रगतिरत कार्यों तथा शेष नल कनेक्शन से संबंधित बिंदुओं की जानकारी दी गई। जिसके अनुसार खंड छिंदवाड़ा में 99.28 प्रतिशत और खंड परासिया में 95.31 प्रतिशत एकल ग्राम योजनाओं का कार्य पूर्ण करते हुए जिले में कुल 2 लाख 21 हजार 377 नल कनेक्शन प्रदाय कर दिये गए हैं। महाप्रबंधक जल निगम ने बताया कि माचागोरा समूह जल प्रदाय योजना का कार्य 81 प्रतिशत पूर्ण हो चुका है। जून 2027 तक सभी 721 ग्रामों में पेयजल सप्लाई टेस्टिंग का कार्य पूर्ण कर लिया जाएगा। कलेक्टर श्री नारायन ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि जल जीवन मिशन के अंतर्गत संचालित सभी कार्यों की नियमित रूप से मॉनिटरिंग की जाए और जिन कार्यों में किसी कारण से अपेक्षित प्रगति नहीं हो पा रही है, उनकी समीक्षा कर आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। उन्होंने योजनाओं के क्रियान्वयन में गुणवत्ता और समयबद्धता को प्राथमिकता देने पर जोर दिया और शेष कनेक्शन भी शीघ्र पूर्ण कराने के निर्देश दिए।
वर्षाकाल में पेयजल की गुणवत्ता पर विशेष फोकस
कलेक्टर श्री नारायन ने वर्षाकाल को देखते हुए पेयजल की गुणवत्ता को लेकर विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि बारिश के दौरान जल स्रोतों के दूषित होने की संभावना बढ़ जाती है और दूषित पेयजल से कई तरह की बीमारियां होने की संभावना होती है। इसलिए विशेषकर ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल स्रोतों की नियमित जांच की जाए तथा आवश्यकतानुसार जल की गुणवत्ता का परीक्षण कराया जाए। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि पेयजल स्रोतों में क्लोरिनेशन का कार्य लगातार जारी रखा जाए और यह सुनिश्चित किया जाए कि नागरिकों को स्वच्छ एवं सुरक्षित पेयजल उपलब्ध हो। जल स्रोतों और पेयजल वितरण व्यवस्था की निगरानी में किसी प्रकार की लापरवाही नहीं बरती जाए।
शिकायतों पर तत्काल संज्ञान लेने के निर्देश
कलेक्टर श्री नारायन ने पेयजल की गुणवत्ता से संबंधित शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए अधिकारियों को निर्देशित किया कि ऐसी किसी भी शिकायत या सूचना पर त्वरित संज्ञान लेकर मौके पर पहुंचें और समय पर आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। आमजन को गुणवत्तापूर्ण पेयजल उपलब्ध कराना प्रशासन की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है। सभी सहायक यंत्री इसके लिए जवाबदेह रहेंगे। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि पेयजल संबंधी शिकायत प्राप्त होने पर केवल औपचारिक कार्रवाई तक सीमित न रहें, बल्कि संबंधित क्षेत्र में पहुंचकर समस्या का वास्तविक कारण पता करें और उसका शीघ्र निराकरण सुनिश्चित करें। जल के नमूने लेकर उनकी जांच कराई जाए तथा दूषित पाए जाने पर तत्काल वैकल्पिक व्यवस्था भी सुनिश्चित की जाए।
मैदानी स्तर पर नियमित निरीक्षण पर जोर
कलेक्टर श्री नारायन ने लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग एवं जल निगम के अधिकारियों को मैदानी स्तर पर नियमित निरीक्षण करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि योजनाओं की वास्तविक स्थिति का आंकलन मौके पर जाकर ही किया जाए, ताकि निर्माण कार्यों की गुणवत्ता, जल स्रोतों की स्थिति और पेयजल आपूर्ति व्यवस्था की प्रभावी निगरानी हो सके। उन्होंने अधिकारियों को बेहतर समन्वय बनाए रखने तथा किसी भी प्रकार की तकनीकी या मैदानी समस्या का समय रहते निराकरण करने के निर्देश दिए।