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छिंदवाड़ा के छात्र ने बनाया स्मार्ट बैग: बटन दबाते ही लगेगा इमरजेंसी कॉल, बच्चों के अनोखे मॉडल ने बटोरी सराहना

छिंदवाड़ा के छात्र ने बनाया स्मार्ट बैग: बटन दबाते ही लगेगा इमरजेंसी कॉल, बच्चों के अनोखे मॉडल ने बटोरी सराहना
छिंदवाड़ा
04-Jul-25
छिंदवाड़ा

 जिले के उत्कृष्ट विद्यालय में शुक्रवार से इंस्पायर अवॉर्ड मानक योजना के अंतर्गत दो दिवसीय विज्ञान मॉडल प्रदर्शनी की शुरुआत हुई। इस अवसर पर जिलेभर से चयनित छात्र-छात्राओं ने नवाचार आधारित विज्ञान मॉडल प्रस्तुत किए, जिन्हें देखने के लिए बड़ी संख्या में शहरवासी पहुंचे।

प्रदर्शनी का उद्घाटन जिला शिक्षा अधिकारी जी.एस. बघेल ने किया। उन्होंने कहा कि इस तरह के आयोजनों से बच्चों की रचनात्मकता को बढ़ावा मिलता है और उन्हें राष्ट्रीय स्तर पर प्रतिभा दिखाने का अवसर मिलता है। इस दौरान शाला प्राचार्य अवध काले और स्कूल स्टाफ भी मौजूद रहा।

342 मॉडल शामिल, सबसे ज्यादा छिंदवाड़ा से

प्रदर्शनी में कुल 342 विज्ञान मॉडल प्रस्तुत किए गए, जिनमें छिंदवाड़ा विकासखंड से सबसे ज्यादा 75 मॉडल रहे। इसके अलावा बिछुआ से 54, जुन्नारदेव से 53, परासिया से 29, तामिया से 24, हर्रई से 23, अमरवाड़ा से 21, मोहखेड से 19, पांढुर्णा से 16, सौसर से 15, चौरई से 13 मॉडल शामिल किए गए।

NIF टीम ने किया मूल्यांकन

राष्ट्रीय नव प्रवर्तन प्रतिष्ठान (NIF), गांधीनगर की टीम ने मॉडल्स का मूल्यांकन किया। टीम के प्रोजेक्ट एसोसिएट विराट त्रिपाठी स्वयं छिंदवाड़ा पहुंचे और छात्रों से उनके मॉडल की अवधारणाओं और नवाचार की उपयोगिता पर संवाद किया।


बच्चों के अनोखे मॉडल, जो रहे चर्चा में

  • आरफ कोष्ठा, केंद्रीय विद्यालय क्रमांक-1 के छात्र, एक स्मार्ट बैग लेकर आए जिसमें बटन दबाते ही इमरजेंसी कॉल की जा सकती है। यह मॉडल महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा के लिए उपयोगी साबित हो सकता है।

  • आकाश डेहरिया, शासकीय नवीन उच्चतर माध्यमिक विद्यालय के छात्र, कार्बाइड गन का मॉडल लेकर आए जो तेज आवाज उत्पन्न कर खेतों और जंगलों से जानवरों को भगाने में सहायक है — यह किसानों के लिए एक सरल लेकिन प्रभावशाली यंत्र साबित हो सकता है।

क्या है इंस्पायर अवॉर्ड मानक योजना?

भारत सरकार के विज्ञान और प्रौद्योगिकी विभाग द्वारा संचालित इंस्पायर अवॉर्ड मानक योजना का उद्देश्य 10 से 15 वर्ष के स्कूली छात्रों में वैज्ञानिक सोच और नवाचार को बढ़ावा देना है। चयनित विद्यार्थियों को प्रोत्साहन राशि दी जाती है और वे जिला, संभाग, राज्य स्तर की प्रदर्शनी पार करते हुए राष्ट्रीय स्तर तक पहुंचते हैं। हर वर्ष लाखों विद्यार्थी इस योजना में भाग लेते हैं, जिनमें से कुछ हजार छात्रों को दिल्ली में राष्ट्रीय प्रदर्शनी में भाग लेने का मौका मिलता है।

यह प्रदर्शनी छिंदवाड़ा के होनहार छात्रों की प्रतिभा, नवाचार और सामाजिक जिम्मेदारी की झलक पेश करती है। साथ ही यह कार्यक्रम भावी वैज्ञानिकों के सपनों को पंख देने वाला मंच साबित हो रहा है।
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