खूनी हनीमून: क्या हत्यारी है नई दुल्हन! फिल्मी स्टोरी जैसा सस्पेंस
क्राइम
09-Jun-25
पुलिस को सोनम पर शक, सोनम का कहना मैं कातिल नहीं...
छिंदवाड़ा, डिजिटल डेस्क
टीवी पर दिखाए जाने वाले सीरियलों का असर अब भारतीय समाज में भी दिखाई देने लगा है। टीवी सीरियलों में जैसे परिवार के सदस्यों को ही एक-दूसरों के खिलाफ षड्यंत्र करते दिखाया जाता है कहीं-कहीं पति-पत्नी के रिश्तों में भी षड्यंत्र दिखाए जाते हैं वैसी ही कहानियां अब समाज में सच साबित हो रही है। इंदौर के कपल राजा रघुवंशी और सोनम इसका ताजा उदाहरण बन गए हैं। नवविवाहिता पत्नी ने अपने ही पत्नी की सुपारी देकर हत्या करवा दी। यह खुलासा किया मेघालय पुलिस ने। हालांकि मामले में राजा के परिवार को पुलिस के कहे पर विश्वास नहीं हो रहा है वे उच्चस्तरीय जांच की मांग कर रहें हैं।
शादी किसी से, प्रेम किसी से
मेघालय पुलिस ने इस शादी, धोखा और कत्ल पर से पर्दा हटाते हुए बताया कि इंदौर निवासी राजा और सोनम की शादी 11 मई को हुई थी। शादी के बाद परिवार में सभी खुश थे। इसी बीच 20 मई को ये कपल हनीमून मनाने भारत के पूर्वोत्तर राज्य जाते हैं। सबसे पहले वे असम के कामख्या मंदिर जाते हैं और फिर 22 मई को मेघालय के लिए रवाना होते हैं। राजा मेघालय में घूमने के लिए एक स्कूटी किराए पर लेते हैं। 23 मई को कपल ने अपने परिवार के साथ जानकारी भी साझा की लेकिन 24 मई के बाद से दोनों के फोन बंद हो गए। गांव के ही कुछ लोगों को सोहरारिम इलाके में चाबी लगी हुई स्कूटी मिलती है जिसकी सूचना वे पुलिस को देते हैं। पुलिस को राजा रघुवंशी का शव एक खाई में मिलता है। राजा का शव मिलने के बाद पुलिस को पता चलता है कि ये इंदौर निवासी है जो अपनी पत्नी के साथ मेघालय घूमने आया था। राजा का शव मिलने के बाद पुलिस सोनम की तलाश में जुट जाती है। इस बीच इस कपल के साथ हुए घटनाक्रम की जानकारी पूरे देश में फैल जाती है। सोनम की तलाश में जुटी पुलिस को सफलता मिलती है और वह उत्तरप्रदेश के गाजीपुर में पकड़ा जाती है। अपनी जांच में पुलिस ने पाया कि सोनम ने ही राजा को मारने की सुपारी 3 लोगों को दी थी जिनमें एक राज कुशवाह नाम का व्यक्ति भी शामिल है जो सोनम के ही ऑफिस में काम करता था। सोनम का यह दोहरा चरित्र न केवल उसके स्वयं के पतन का कारण बना बल्कि राजा के जीवन के अंत का कारण भी बन गया।
नैतिकता है पतन का कारण
भारतीय समाज में इस तरह की घटनाएं अब आम होती है जा रही है। समाज के बुजुर्ग इस बात से चिंतित है कि ऐसे में आगे चलकर परिवार नाम की संस्था का क्या होगा! समाज में नैतिकता के साथ पली और बढ़ी बुजुर्ग पीढ़ी इसके लिए टीवी सीरियलों, फिल्मों और मोबाइल के साथ-साथ समाज के नैतिक पतन को कारण मान रही है।