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भाजपा सरकार किस्तों में बांट रही महंगाई: ओक्टे

भाजपा सरकार किस्तों में बांट रही महंगाई: ओक्टे
राजनीति
26-May-26
हर दूसरे दिन पेट्रोलियम पदार्थों की बढ़ी हुई कीमतें निकाल रही दम

छिन्दवाड़ा

भाजपा की सरकार में महंगाई की मार और भ्रष्टाचार दोनों साथ-साथ चल रहे जिन्हें महंगाई नहीं दिखाई दे रही वे भाजपा से जुड़े हुए लोग है जिनके पास भ्रष्टाचार की रकम आ रही। इसके पहले तक जब कच्चे तेल की कीमतें कम थी, तब भी पेट्रोल और डीजल के दाम अधिक थे, आज युद्ध की आड़ लेकर अपनी आर्थिक नाकामी को छिपाने में जुटी भाजपा जनता पर महंगाई का बोझ डालने की बजाए वैट टैक्स कम कर जनता को राहत दे सकती है। उक्त उदगार जिला कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष विश्वनाथ ओकटे ने हर दूसरे दिन पेट्रोलियम पदार्थों की बढ़ती हुई कीमतों पर व्यक्त किए हैं।

कांग्रेस जिलाध्यक्ष विश्वनाथ ओकटे ने जारी बयान में आगे कहा कि भाजपा सरकार हर दूसरे दिन पेट्रोल और डीजल के दाम बढ़ाकर जनता पर महंगाई का बोझ धीरे-धीरे डाल रही। विगत कुछ ही दिनों में पेट्रोल पर लगभग 6 रुपए और डीजल पर लगभग 5 रुपए की सीधी बढ़ोत्तरी को बोझ नागरिकों पर बड़ी ही चतुराई से डाल दिया है। कांग्रेस की सकरार में 50 पैसे की मूल्य वृद्धि पर पूरी भाजपा सड़क पर आकर अपने चरित्र का परिचय दिया करती थी वह आज 5 से 6 रुपए की मूल्य वृद्धि पर भी मौन है। 

उन्होंने आगे कहा कि छिन्दवाड़ा में पेट्रोल सादा 116.1 रुपए प्रति लीटर, पॉवर पेट्रोल 125.31 रुपए प्रति लीटर एवं डीजल 101.14 रुपए प्रति लीटर पर पहुंच चुका है। यह बढ़े हुए मूल्य सिर्फ पेट्रोलियम पदार्थों तक सीमित नहीं रहे, अब सम्पूर्ण खाद्य सामग्री से लेकर रोजमर्रा की हर सामग्री महंगी हो चुकी है। प्रत्येक परिवार का सामान्य खर्च पिछले एक सप्ताह के भीतर 1500 से 2000 रुपए बढ़ चुका है। लेकिन दुर्भाग्य की बात यह है कि यह सबकुछ सरकार को दिखाई नहीं दे रहा है।

उन्होंने आगे कहा कि विगत दो वर्षों में क्रूड के दाम 29 प्रतिशत तक घटे, लेकिन सरकार ने पेट्रोल और डीजल के दाम घटाकर तब कोई राहत नहीं दी। इसका सीधा अर्थ है भाजपा एक हाथ से देकर दूसरे हाथ से मय ब्याज के राशि इसी तरह से वसूल कर रही है, यानि नागरिकों से पाई-पाई का हिसाब लिया जा रहा। समझने वाली बात यह है कि जब क्रूड के दाम कम होते हैं तब सरकार पेट्रोल और डीजल के दाम कम नहीं करती,  लेकिन जैसे ही चुनाव समाप्त होते हैं भाजपा को सारी आपदा और परेशानियां दिखाई दे जाती है, मतलब साफ है नागरिकों को गुमराह करना और महंगाई का बूस्टर डोज देते रहना ताकि गरीब और गरीब हो जाए। भाजपा सरकार का नारा है भाजपा का महंगाई से भाईचारा है।
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