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भारत-अमेरिका ट्रेड डील में भाजपा ने फिर दी किसानों के हितों की बलि- नकुलनाथ

भारत-अमेरिका ट्रेड डील में भाजपा ने फिर दी किसानों के हितों की बलि- नकुलनाथ
छिंदवाड़ा
07-Feb-26
 किसानों, व्यापारियों और उद्योगों को होगा भारी नुकसान

छिन्दवाड़ार

भारत-अमेरिका ट्रेड डील पर जिले के पूर्व सांसद नकुलनाथ ने कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा भाजपा सरकार कि गलत नीतियों से जिले व प्रदेश के किसान पहले से ही त्रस्त है। उपज का उचित मूल्य नहीं मिलना और कृषि से जुड़ी हुई सम्पूर्ण सामग्री का महंगा होना खेती को हानि के धंधे में तब्दील कर चुकी है। अब भारत-अमेरिका ट्रेड डील में भाजपा ने पुनरू किसान भाइयों को हासिये पर खड़ा कर दिया है। यह समझौता कृषि के लिए किसी भी स्तर पर फायदेमंद नहीं है।

 श्री नाथ  ने जारी बयान में आगे कहा कि भारत के किसानों, व्यापारियों, उद्योगों को भारी नुकसान होगा। अमेरिका हमसे 18 प्रतिशत टैरिफ वसूलेगा जो पहले 3 प्रतिशत से भी कम था। सरकार ने इस पर अभी तक कोई जवाब नहीं दिया है। तत्कालीन प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह की सरकार में यही टैरिफ 2.93 प्रतिशत था। अब प्रश्न यह उठता है कि जिन भारतीय सामग्रियों पर 2 से 3 प्रतिशत टैरिफ लगता था अब उन्हीं भारतीय चीजों पर सीधे 18 प्रतिशत का टैरिफ लगना कौनसी जीत हुई? केवल जनता को गुमराह करने के लिए सरकार कोरा झूठ परोस रही। आखिर सरकार बार-बार किसान और कृषि क्षेत्र को ही गर्त में डालने के लिए क्यों निशाना बना रही है, जबकि आज आवश्यकता कृषि क्षेत्र को सर्वाधिक सशक्त बनाने की है, किन्तु सरकार इसके विपरित कदम उठा रही। सरकार जनता से चाहती है कि वह बढ़े हुए टैरिफ का जश्न मनाएं ऐसा संभव नहीं। उन्होंने आगे कहा कि जनता जागरूक है वह देश में होने वाली प्रत्येक गतिविधियों को मिनटों देख, सुन और पढ़ रही।

अमेरिका-भारत अंतरिम व्यापार समझौते पर उन्होंने कहा कि जो संयुक्त वक्तव्य आया है, उसमें ज्यादा विस्तार नहीं दिया है, लेकिन जो कुछ भी जानकारी दी है, उससे पांच बातें स्पष्ट हो जाती हैं। पहली-रूस से तेल नहीं खरीदेंगे, यह बिलकुल साफ है और अगर हम प्रत्यक्ष व अप्रत्यक्ष रूप से खरीदेंगे तो हम पर 25 प्रतिशत जुर्माना लगाया जाएगा। दूसरा- हम जो कृषि उत्पादन का आयात करते हैं, उसपर जो कर लगाते हैं, वो हम घटाएंगे या हटाएंगे यानी हम अमेरिकी किसान को फायदा पहुंचाएंगे, किन्तु भारतीय किसान को नुकसान होगा...तीसरा यह कि आज हम जो अमेरिका से आयात करते हैं, अगले 5 साल में हर साल भारत का आयात 3 गुना बढे़गा, यानी जो आज भारत का व्यापार अधिशेष है वो घाटे में बदल जाएगा। चौथा- आईटी व सर्विस इंडस्ट्री के बारे में बिलकुल चुप हैं, उसपर कई सवाल खड़े किए गए हैं...पांचवां- जो हम निर्यात करते हैं उसपर कर बढ़ रहा है...यह बिलकुल साफ हो गया है कि यह ट्रेड डील अमेरिका व अमेरिकी किसानों के हितों को ध्यान में रखकर किया गया है।
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