मक्का, गेहूँ के दामो में ठगी के बाद मूँग ख़रीदी में धोखा: कांग्रेस
राजनीति
20-Jun-26
छिन्दवाड़ा
मप्र की भाजपा सरकार का किसानहितैषी मुखौटा एक बार फिर किसानों के सामने बेनकाब हो चुका है। बड़ी-बड़ी बातें, बड़े वादे और झूठी घोषणाएं और किसानों की आय बढ़ाने का मंत्र बनाते वाले भाजपा नेताओं से सीधा सवाल है कि अगर महज 25 प्रतिशत मूंग की खरीदी की जाएगी तो किसान अपनी 75 फीसदी उपज कहां बेचेंगे? शत प्रतिशत खरीदी से सरकार क्यों बच रही है? जिलेभर के किसान बड़ी मात्रा में मूंग का उत्पादन लेते हैं, लेकिन महज 25 फीसदी खरीदी के आदेश से उनमें निराशा छा गई है। कांग्रेस प्रदेश सरकार से यह मांग करती है कि मूँग उपज की सौ फीसदी खरीदी की जाए ताकि किसानों को उनकी उपज का उचित दाम मिल सके।
कांग्रेस छिन्दवाड़ा ग्रामीण भाग एक व दो के पर्यवेक्षक मनीष पांडे, संतोष पटेल, जीवन सिंह पटेल, अजय सिंह पटेल, मनोज वानखेड़े, कुलदीप पटेल,सुखपाल पटेल, सुनील चौधरी व अर्जुन यदुवंशी ने एक संयुक्त बयान जारी करते हुए कहा कि,अभी तक सरकार सौ फीसदी मूंग उपज की खरीदी करती थी, लेकिन इस बार खरीदी प्रारंभ होने से ठीक पहले भाजपा सरकार ने अपना रंग दिखाते हुए सीधे 25 फीसदी खरीदी का आदेश देकर किसानों के माथे पर चिंता की लकीरें खींच दी है।
उन्होंने कहा किसानों ने इस भरोसे के साथ फसल उगाई की सरकार पूरी-पूरी खरीदी करेगी, लेकिन अब उन्होंने खरीदी की मात्रा सीधे 25 प्रतिशत कर दी। इससे 75 प्रतिशत उपज किसान भाइयों को अपने स्तर पर ही बेचनी पड़ेगी। यह सबसे बड़ी परेशानी उनके सामने खड़ी हो गई कि,अब वह शेष मूंग उपज को लेकर कहां भटकेगा। सरकार पहले ही आदेश जारी कर देती तो वैकल्पिक इंतजाम किसान भाई अपने स्तर पर करते, किन्तु लगातार किसानों के विरुद्ध चलने वाली प्रदेश की भाजपा सरकार ने फसल पकने और खरीदी केन्द्रों तक पहुंचने से तुरंत पहले ये तुगलकी आदेश जारी कर किसानो को दुविधा में डाल दिया है।
कांग्रेस ने प्रदेश सरकार से आग्रह किया है कि किसान विरोधी हठधर्मिता को छोड़कर सौ फीसदी खरीदी का आदेश तत्काल जारी करें, ताकि अन्नदाता अपनी उपज को खुले बाजार में औने-पौने दामों पर बेचने के लिए मजबूर ना हो। महंगी कृषि सामग्री और डीजल के बढ़े हुए मूल्यों के कारण लगातार खेती घाटे के धंधें में तब्दील हो रही है। इसे दृष्टिगत रखते हुए किसानों के प्रति मानवीय दृष्टिकोण अपनाते हुए तत्काल सम्पूर्ण मूंग खरीदी का आदेश जारी किया जाए ताकि,किसान अपनी उपज को औने-पौने दामों बेचने व लुटने से बच जाए। ज्ञात हो कि छिन्दवाड़ा व पांढुर्ना जिले में बड़ी मात्रा में मूंग का उत्पादन लिया जाता है।