अभाविप ने छात्रसंघ चुनाव शीघ्र कराने की सरकार से मांग, दिया ज्ञापन
छिंदवाड़ा
15-Sep-26
छिंदवाड़ा

मध्यप्रदेश के विश्वविद्यालयों एवं महाविद्यालयों में वर्ष 2017 से बंद छात्रसंघ चुनावों को पुनः प्रारंभ करने की मांग को लेकर अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद् छिंदवाड़ा ने प्रदेश सरकार से शीघ्र चुनाव बहाल करने की मांग की है। अभाविप ने कहा कि छात्रसंघ चुनाव विद्यार्थियों के लोकतांत्रिक अधिकारों की पुनर्स्थापना के साथ-साथ उनमें नेतृत्व क्षमता, सामाजिक चेतना, उत्तरदायित्व एवं लोकतांत्रिक मूल्यों के विकास का महत्वपूर्ण माध्यम हैं। शैक्षणिक परिसरों में विद्यार्थियों की समस्याओं को प्रभावी ढंग से उठाने और उनके समाधान के लिए निर्वाचित छात्र प्रतिनिधित्व आवश्यक है।
अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद् सदैव छात्रहित, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, लोकतांत्रिक परंपराओं के सुदृढ़ीकरण एवं राष्ट्र निर्माण में विद्यार्थियों की सक्रिय सहभागिता के लिए कार्य करती रही है। परिषद् द्वारा समय-समय पर विभिन्न प्रतिनिधिमंडलों एवं अधिवेशनों में पारित शैक्षिक प्रस्तावों के माध्यम से सरकार से छात्रसंघ चुनाव बहाल करने की मांग की जाती रही है। अभाविप ने कहा कि माननीय मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय द्वारा भी छात्रसंघ चुनाव के संबंध में राज्य सरकार को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए हैं। इसके पश्चात सरकार की ओर से सितंबर माह में चुनाव आयोजित कराने का आश्वासन दिया गया था, लेकिन अभी तक चुनाव संबंधी कोई आधिकारिक सूचना अथवा चुनाव सारणी जारी नहीं की गई है। इससे प्रदेश के विद्यार्थी समुदाय में निराशा का भाव है। अतः अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद् छिंदवाड़ा प्रदेश सरकार से मांग करती है कि माननीय उच्च न्यायालय के निर्देशों के अनुरूप अकादमिक कैलेंडर के अनुसार तथा लिंगदोह समिति की अनुशंसाओं के आधार पर प्रत्यक्ष, पारदर्शी, निष्पक्ष एवं समयबद्ध छात्रसंघ चुनाव शीघ्र आयोजित किए जाएं।
अभाविप का स्पष्ट मत है कि छात्रसंघ चुनाव शैक्षणिक परिसरों में लोकतांत्रिक संस्कृति एवं विद्यार्थी नेतृत्व को मजबूत करने का महत्वपूर्ण माध्यम हैं। प्रदेश सरकार विद्यार्थियों की इस दीर्घकालिक एवं न्यायसंगत मांग पर संवेदनशीलता से विचार करते हुए अविलंब छात्रसंघ चुनाव बहाल करे। जिला संयोजक पियूष श्रीवास जी ने कहा कि प्रदेश के लाखों विद्यार्थी लंबे समय से छात्रसंघ चुनाव की प्रतीक्षा कर रहे हैं। सरकार को विद्यार्थियों की लोकतांत्रिक भावनाओं का सम्मान करते हुए अब किसी प्रकार की देरी किए बिना छात्रसंघ चुनाव की आधिकारिक घोषणा करनी चाहिए। अभाविप विद्यार्थियों के लोकतांत्रिक अधिकारों एवं छात्रहित के लिए सदैव आवाज उठाती रहेगी।