17 सितंबर को राष्ट्रीय श्रमिक दिवस घोषित करने बीएमएस ने दिया ज्ञापन
छिंदवाड़ा
15-Sep-26
कई वर्षो से बीएमएस कर रहा मांग, सरकार नहीं दे रही ध्यान

छिन्दवाड़ा
भारतीय मजदूर संघ जिला समिति ने निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार 15 सितंबर मंगलवार को प्रधानमंत्री एवं मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन सौंपा । इस ज्ञापन में इस बात को रेखांकित किया गया कि प्रतिवर्ष 17 सितम्बर को सम्पूर्ण राष्ट्र में भगवान विश्वकर्मा की जयंती अत्यंत श्रद्धा और हर्षाेल्लास के साथ मनाई जाती है। भगवान विश्वकर्मा को संपूर्ण श्रमिक जगत का आराध्य देव माना जाता है। भारतीय मजदूर संघ अपनी स्थापना के समय से ही इस पावन दिन को विश्वकर्मा पूजन, शोभायात्रा, श्रमिक बस्तियों में सेवा कार्य, संगोष्ठियों एवं विचार गोष्ठियों के माध्यम से श्रमिक दिवस के रूप में मनाता आ रहा है। लोहार, बढ़ई, राजमिस्त्री, मूर्तिकार, हथकरघा व हस्तशिल्प सहित समस्त निर्माण एवं उत्पादन क्षेत्र के कारीगर इस दिन अपने औजारों का पूजन करते हैं तथा अगले मूल कार्य से विराम लेकर पूर्ण निष्ठा से विश्वकर्मा जयंती का उत्सव मनाते हैं।
राष्ट्र के नव -निर्माण में अमूल्य योगदान देने वाले देश के करोड़ों मेहनतकश श्रमिकों एवं शिल्पकारों के सम्मान में तथा भारतीय संस्कृति व श्रम -परंपरा के अनुरूप, 17 सितम्बर विश्वकर्मा जयंती को आधिकारिक रूप सेे राष्ट्रीय श्रमिक दिवस घोषित किया जाए, यह भारतीय मजदूर संघ की दीर्घकालिक मांग रही है। करोड़ों श्रमिकों की इस उचित मांग और जनभावना को ध्यान में रखते हुए 17 सितम्बर को राष्ट्रीय श्रमिक दिवस घोषित करने का ऐतिहासिक एवं सकारात्मक निर्णय लेने की कृपा करें।
ज्ञापन सौंपते समय राकेश श्रीवास्तव प्रदेश कार्यसमिति सदस्य, अर्जुन भारती अध्यक्ष भारतीय मजदूर संघ छिन्दवाड़ा, सतीश गोंडाने संभागीय अध्यक्ष, रमेश शर्मा जिलाध्यक्ष राज्य कर्मचारी संघ छिन्दवाड़ा, अश्विनी भट्ट जिला सचिव राज्य कर्मचारी संघ, एस.एल.ब्रम्हे, शेखर पांडेय, आकाश, राज्य कर्मचारी संघ की ओर से दीपक सैनी ,प्राइवेट चालक परिचालक संघ, दीपेश विश्वकर्मा एवं प्रशिक्षित रोजगार सहायक संघ की ओर से शामिल हुये। कार्यक्रम के अंत में अजय पाल जिला मंत्री के द्वारा सभी पदाधिकारी एवं कार्यकर्ताओं को ज्ञापन कार्यक्रम को सफल बनाने पर आभार किया गया।