समग्र विकास के लिए बनेगी जिला विकास सलाहकार समिति
छिंदवाड़ा
10-Jun-25
पूर्व मुख्यमंत्री सुंदरलाल पटवा भी कर चुके हैं ऐसा प्रयोग,
नगर सुधार न्यास के माध्यम से बने थे शहर के शॉपिंग कॉम्पलेक्स
छिंदवाड़ा
पूर्व मुख्यमंत्री सुंदरलाल पटवा ने वर्ष 1991 में प्रदेश के कस्बों और शहरों के विकास के लिए नगर सुधार न्यास का गठन किया था। छिंदवाड़ा में इसका अध्यक्ष स्व. श्री गंगाराम मिगलानी को बनाया गया था। पूर्व मंत्री चौ. चंद्रभान सिंह इस सरकार में पी.डब्ल्यू.डी मंत्री बनाए गए थे। जिसके बाद शहर का तेजी से विकास हुआ था। छिंदवाड़ा शहर में फव्वारा चौक, इतवारी बाजार, शनिचरा बाजार सहित अन्य क्षेत्रों में बने शॉपिंग काम्पलेक्स नगर सुधार न्यास की ही देन है। कुछ ऐसा ही करने की सोच रही है प्रदेश सरकार। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में मंत्री परिषद की बैठक भोपाल में हुई जिसमें ये निर्णय लिया गया।
मंत्रि-परिषद द्वारा जिले के विकास योजना के लिए रोडमेप तैयार करने और जिले की दीर्घकालीन विकास योजनाएं बनाने के लिए सभी जिलों में मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में जिला विकास सलाहकार समिति का गठन किये जाने की बात कही गई है। उल्लेखनीय है कि 2025-26 के बजट भाषण में भी प्रदेश के समस्त जिलों में जिला विकास सलाहकार समिति का गठन किये जाने संबंधी निर्देश दिये गये थे।
20 प्रतिनिधि सदस्य को किया जाएगा शामिल, प्रभारी मंत्री होंगे उपाध्यक्ष
जिला विकास सलाहकार समिति में जिले के प्रभारी मंत्री उपाध्यक्ष होंगे। सांसद, जिले के समस्त विधायक, जिला मुख्यालय के महापौर या नगरपालिका अध्यक्ष, जिला पंचायत अध्यक्ष, जिले के सभी जनपद अध्यक्ष के साथ उद्योग, व्यापार, प्रगतिशील किसान, समाज सेवी, चिकित्सा, विधि आदि क्षेत्रों के 20 प्रतिनिधियों को सदस्य के रूप में शामिल किया गया है। कलेक्टर समिति के सदस्य सचिव होंगे।
समिति के उद्देश्यों में जिले की जनता, जनप्रतिनिधियों व अन्य हितधारकों की जरूरतों और सुझावों के अनुसार जिले के दीर्घकालीन विकास की योजनाएँ बनाना है। साथ ही समिति जिले के परंपरागत कौशल को चिन्हित कर प्रधानमंत्री के वोकल फॉर लोकलष् के सिद्धांत के दृष्टिगत उन्हें राष्ट्रीय और अन्तराष्ट्रीय स्तर पर बढ़ावा देते हुए जिले की समृद्धि का रोडमैप तैयार करेगी। जिले की स्थानीय परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए शासकीय योजनाओं को बेहतर तरीके से लागू करने के सुझावों पर समिति विचार करेगी।
जिले में स्थानीय प्रयासों से प्रचलित नवाचारों को एक योजना के रूप में मूर्त रूप देना। जिले में रोजगार सृजन एवं विकसित मध्यप्रदेश के लक्ष्यों के संबंध में सुझाव, उद्योग, व्यापार, जल संरचनाओं के संरक्षण, निर्यात, कृषि, खनिज आदि क्षेत्रों में जिले की कार्ययोजना के लिए सुझाव देना शामिल है।