विश्व हिन्दू परिषद धर्मप्रसार विभाग ने किया लक्ष्मणानंद सरस्वती को किया याद
छिंदवाड़ा
24-Aug-25
छिन्दवाडा
मूलतः जनजातिय समाज से आने वाले महासंत स्वामी लक्ष्मणानंद सरस्वती जी के जीवन पर आधरित उनके बलिदान दिवस पर स्थानीय छोटा तालाब के तट पर विश्वहिंदू परिषद् धर्मप्रसार विभाग द्वारा एक संगोष्टि का आयोजन किया गया । धर्म प्रसार विभाग के जिला प्रमुख चीकू पाल ने बताया कि संगोष्टि में समाजसेवी पहलाद यादव जी एवं कपिल साहू जी विशेष रूप से उपस्थित रहे इस अवसर पर बारी बारी से सभी ने लक्ष्मणानंद जी के जीवनी पर प्रकाश डालते हुए बताया कि महासंत स्वामी लक्ष्मणानंद सरस्वती जी का जन्म उड़ीसा राज्य के कन्धमाल जिले में सन 1924 में हुआ था हुआ था ।आध्यत्मिक ज्ञान के लिये उन्होंने हिमालय में कठोर साधना की साधना पूरी होने के बाद जब वे वापस आये तो उन्होंने जनजाति समाज में ईसाई मिशनरी द्वारा जोर-जबरदस्ती अथवा प्रलोभन से हो रहे धर्मान्तरण के विरोध में बड़ा आंदोलन चलाते हुए हजारों लोगो की घर वापसी करवाई । इस दौरन उनपर 8 बार प्राणघातक हमले हुए किन्तु 23 अगस्त 2008 को ईसाई समुदाय के माववादियो ने उनपर घात लगाकर हमला किया जिसमें स्वामी जी सहित उनके 4 अन्य साथियों की मृत्यु हो गई थी। इस संगोष्टि में श्रद्धय महासंत स्वामी लक्ष्मणानंद सरस्वती जी को विनम्र श्रद्धांजलि दी गई। इस दौरन विहिप के धर्म प्रसार विभाग के प्रमुख चीकू पाल,संदीप यादव,दीनू यादव,सतीश विश्वकर्मा,राजू यादव,भवानी यादव,अजय साहू,विक्की यादव सहित अन्य उपस्थित रहे।
