प्रेम बिना परमात्मा नहीं मिलते - नागेंद्र ब्रह्मचारी जी
छिंदवाड़ा
19-Aug-25
छिन्दवाड़ा
स्थानीय अनगढ़ हनुमान मंदिर में 50 वें वर्ष में आयोजित कृष्ण कथा, सत्संग में व्यासपीठ पर विराजमान महामंडलेश्वर नागेन्द्र ब्रह्मचारी जी ने कथा के छटवें दिन कहा कि गोपियों के पास धन संपत्ति ज्ञान नहीं थी केवल प्रेम के बल से ही परमात्मा को अपने बस में कर लिया था। वास्तव में परमात्मा को प्रेम से ही पा सकते हैं । गोवर्धन का महत्व एवं गौसेवा का महत्व बढ़ाने परमात्मा ने गो चारण लीला की। महारास में सभी गोपियों को प्रेम का पाठ पढ़ाया। प्रेम में स्वार्थ नहीं त्याग होता है। भगवान बद्रीनाथ में स्नान, द्वारिका में वस्त्र, जगन्नाथ में भोजन, रामेश्वरम में आराम करते हैं ।मथुरा में भगवान ने कंस का वध कर द्वारका के राजा बने पर गोपियों के प्रेम को कभी नहीं भूले। अनेक रानी पटरानियों के होते हुए भी गोपियों की याद में श्री कृष्ण अपने आपको रोने से नहीं रोक पाते। उद्वव का ज्ञान भी गोपियों के प्रेम के आगे हार गया। रुकमणी विवाह सूंदर झांकी सजायी गयी जिसका भक्तों ने आनंद लिया। कल सुदामा चरित्र के साथ सात दिवसीय कथा का समापन होगा बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने उपस्थित होकर पूण्य लाभ लिया आरती प्रसाद का वितरण किया गया।
