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पेपर लीक करने वालों को अब मिलेगी कड़ी सज़ा: बंटी विवेक साहू

पेपर लीक करने वालों को अब मिलेगी कड़ी सज़ा: बंटी विवेक साहू
राजनीति
31-Jul-26
लोक परीक्षा अनुचित साधनों का निवारण संशोधन विधेयक 2026 पर सांसद ने दी प्रतिक्रिया

छिन्दवाड़ा

सांसद बंटी विवेक साहू ने कहा कि लोक परीक्षा अनुचित साधनों का निवारण संशोधन विधेयक 2026 लोकसभा में पारित हो गया हैं। लोक परीक्षा निवारण संशोधन विधेयक से पेपर लीक करने वालों को कड़ी सज़ा मिलेगी। उन्होंने कहा कि यह विधेयक लोक परीक्षा अनुचित साधनों का निवारण अधिनियम 2024 को निवारण को बढ़ाकर, जांच और मुकदमों में गति लाकर, साथ ही संस्थागत जवाबदेही को सुदृढ़ करके मज़बूत करने का प्रयास करता है। 

लगेगा अब लगेगा करोड़ों का जुर्माना

उन्होंने कहा कि यह विधेयक जुमनि में पर्याप्त वृद्धि करता है, दोषी व्यक्तियों के लिए जुर्माना 10 लाख से बढ़ाकर 50 लाख करता है। साथ ही सेवा प्रदाताओं के लिए 1 करोड़ से बढ़ाकर 5 करोड़ किया गया है, तथा डिबारमेंट की अवधि चार साल से बढ़ाकर आठ साल कर दी गई है। संगठित अपराध से जुड़े मामलों में कारावास की उच्च अवधि के साथ-साथ न्यूनतम जुर्माना 1 करोड़ से बढ़ाकर 10 करोड़ किया गया है।

विशेष कार्य बल गठन का मिला अधिकार

सांसद बंटी विवेक साहू ने कहा कि यह विधेयक केंद्र सरकार को अधिनियम के अंतर्गत अपराधों की विशेष रूप से जांच करने के लिए एक विशेष कार्य बल (एस.टी.एफ) के गठन का अधिकार देता है और सूचना दर्ज होने या संदर्भ प्राप्त होने के दो महीने के भीतर जांच पूरी करने को अनिवार्य करता है। उन्होंने कहा कि त्वरित न्याय सुनिश्चित करने के लिए यह प्रत्येक राज्य सरकार और केंद्र शासित प्रदेश प्रशासन को विशेष फास्ट ट्रैक न्यायालयों को नामित करने, आमतौर पर आरोपपत्र प्रस्तावित करने के तीन महीने के भीतर दिन-प्रतिदिन के मुकदमों को समाप्त करने को अनिवार्य करता है और विशेष लोक अभियोजकों की नियुक्ति का प्रावधान करता है।

फास्ट ट्रैक न्यायालयों से शीघ्र होगा फैसला

सांसद बंटी विवेक साहू ने कहा कि इसके अतिरिक्त यह विधेयक विशेष फास्ट ट्रैक न्यायालयों के निर्णयों के विरुद्ध अपील केवल उच्च न्यायालय की खंडपीठ के समक्ष प्रदान करके अपील प्रक्रिया को सुव्यवस्थित करता है। यह अनिवार्य करता है कि इन अपीलों को सामान्यतः तीस दिनों के भीतर दायर किया जाना चाहिए और उनके प्रवेश की तारीख से तीन महीने की अवधि के भीतर निपटाया जाना चाहिए।
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