कांग्रेस पार्षदों का सवाल, 15 दिन पानी तो जलकर पूरा क्यों?
राजनीति
31-Jul-26
नेता प्रतिपक्ष के नेतृत्व में महिलाओं ने निगम कमिश्नर के नाम सौंपा ज्ञापन

छिन्दवाड़ा
भाजपा शासित नगर पालिक निगम विगत चार माह से नगर के 48 वार्डों में नियमित पेयजल आपूर्ति में पूरी तरह विफल है। किसी वार्ड में एक दिन के अंतराल से पेयजल सप्लाई दी जा रही है तो कहीं-कहीं दो दिन या फिर पांच दिन के अंतर से पेयजल प्रदाय किया जा रहा है। सबसे बड़ा प्रश्न यह कि निगम समूचे 30 दिनों तक नियमित पेयजल आपूर्ति नहीं दे रहा है तो फिर जलकर पूरा क्यों लिया जाएगा। जनता को तत्काल जलकर में छूट दी जानी चाहिए। अगर यह निर्णय अविलम्ब नहीं लिया गया तो कांग्रेस पार्षद दल नगर की जनता के साथ जनता की जायज मांगों के लिए प्रदर्शन करेगी।
नेता प्रतिपक्ष हंसा अंबर दाढे ने निगम के सामने की नारेबाजी
नगर पालिक निगम में नेता प्रतिपक्ष श्रीमती हंसा अम्बर दाढ़े के नेतृत्व में बड़ी संख्या में महिलाओं ने राजीव भवन कांग्रेस कार्यालय से मुख्य मार्ग होते हुए ननि पहुंची। निगम के खिलाफ जमकर नारेबाजी कर अपनी मांगों का ज्ञापन कमिश्नर के नाम सौंपा। प्रस्तुत ज्ञापन में उल्लेख किया कि वर्तमान समय में नागरिकों को गंभीर पेयजल संकट का सामना करना पड़ रहा है।
शहर में लोग पानी के लिए अब भी हो रहे परेशान
निगम द्वारा एक दिन छोड़कर जलापूर्ति की जा रही है, वह भी कई वार्डों एवं मोहल्लों में अत्यंत कम दबाव से होने के कारण अनेक घरों तक पर्याप्त पानी नहीं पहुंच पा रहा है। आज कई क्षेत्रों में गंदे एवं दूषित पानी की आपूर्ति हो रही है, जिससे नागरिकों के स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ने की आशंका बनी हुई है। एक ओर नगर निगम ने जलकर में वृद्धि करते हुए इसे 260 रुपए प्रति माह कर दिया है, वहीं दूसरी ओर नागरिकों को नियमित एवं गुणवत्तापूर्ण पेयजल उपलब्ध नहीं कराया जा रहा है। जब उपभोक्ताओं को निर्धारित एवं संतोषजनक सेवा नहीं मिल रही है, तब पूर्ण जलकर वसूलना न्यायोचित नहीं है। ज्ञापन सौंपते समय महिला कांग्रेस जिला अध्यक्ष सरला सिसोदिया, पार्षद मंजू बैस, तरूण कराड़े, दीपा यादव, मनीषा पाल, संतोषी गजभिये, रानू तिवारी सहित अन्य पदाधिकारी व कार्यकर्तागण उपस्थित रहे।
ज्ञापन के माध्यम से यह मांगें रखी
सभी वार्डों में नियमित एवं पर्याप्त दबाव से स्वच्छ पेयजल की आपूर्ति तत्काल सुनिश्चित की जाए। जिन क्षेत्रों में गंदे पानी की समस्या है, उसका तत्काल स्थायी समाधान किया जाए। जब तक नियमित एवं गुणवत्तापूर्ण जलापूर्ति बहाल नहीं होती, तब तक वर्तमान अवधि का मासिक जलकर 50ः (आधा) किया जाए। जलापूर्ति व्यवस्था में सुधार हेतु समयबद्ध कार्ययोजना सार्वजनिक की जाए। यदि उक्त मांगों पर शीघ्र सकारात्मक कार्रवाई नहीं की जाती है, तो नगर निगम के समस्त नागरिकों के हित में लोकतांत्रिक एवं जनहितकारी आंदोलन करने के लिए बाध्य होना पड़ेगा, जिसकी समस्त जिम्मेदारी नगर निगम प्रशासन की होगी।
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