डेढ़ लाख से ज्यादा आबादी प्यासी! कौन देगा जवाब? नगर निगम या भाजपा-कांग्रेस?
लेख
29-Jun-26
जनता की मांग, जल संकट पर राजनीति नहीं, समाधान चाहिए
- समीक्षक - राम कुमार विश्वकर्मा
छिंदवाड़ा
शहर इन दिनों भीषण जल संकट से जूझ रहा है। शहर के अनेक वार्डों में कई दिनों से नियमित जलापूर्ति नहीं हो पा रही है। लोग सुबह से लेकर देर रात तक पानी का इंतजार कर रहे हैं। कहीं टैंकरों के पीछे लंबी कतारें हैं, तो कहीं निजी टैंकरों से महंगा पानी खरीदने की मजबूरी है। हाल के दिनों में जलापूर्ति बाधित होने और विभिन्न क्षेत्रों में पेयजल संकट की शिकायतें लगातार सामने आई हैं।
सबसे बड़ा सवाल यह है कि यदि शहर की डेढ़ लाख से अधिक आबादी पानी जैसी बुनियादी जरूरत के लिए परेशान है, तो इसकी जिम्मेदारी कौन लेगा?
- क्या केवल नगर निगम जिम्मेदार है?
- क्या केवल वर्तमान जनप्रतिनिधि?
- या फिर भाजपा और कांग्रेस एक-दूसरे पर आरोप लगाने तक ही सीमित रहेंगी?
जनता को बहस नहीं, पानी चाहिए
पानी किसी राजनीतिक दल का मुद्दा नहीं, बल्कि हर नागरिक के जीवन से जुड़ा अधिकार है। लेकिन दुर्भाग्य यह है कि जैसे-जैसे संकट गहराता जा रहा है, वैसे-वैसे राजनीतिक बयानबाजी भी तेज होती जा रही है। हाल ही में जल संकट को लेकर भाजपा और कांग्रेस के बीच आरोप-प्रत्यारोप भी देखने को मिले। भाजपा जहां कांग्रेस विधायक कमलनाथ को इस मुद्दे पर घसीट रही है तो वहीं कांग्रेस भाजपा के जनप्रतिनिधियों महापौर विक्रम अहके और उनकी टीम व सांसद बंटी विवेक साहू को इसका दोषी ठहरा रही है।
लेकिन जनता पूछ रही है? क्या आरोपों से नलों में पानी आ जाएगा?
अब जवाबदेही तय होनी चाहिए -
- यदि पाइपलाइन खराब है तो उसे कब तक सुधारा जाएगा?
- यदि जल स्रोत पर्याप्त नहीं हैं तो वैकल्पिक व्यवस्था क्या है?
- यदि टैंकरों से पानी दिया जा रहा है तो उसका पारदर्शी संचालन क्यों नहीं दिखाई देता?
- यदि संकट पहले से अनुमानित था तो गर्मी शुरू होने से पहले तैयारी क्यों नहीं हुई?
इन सवालों का जवाब केवल सत्ता या विपक्ष नहीं, बल्कि पूरे प्रशासनिक तंत्र और जनप्रतिनिधियों को देना होगा।
राजनीति बाद में, समाधान पहले

आज आवश्यकता इस बात की है कि नगर निगम, जिला प्रशासन, सभी जनप्रतिनिधि और सभी राजनीतिक दल समस्या पर बयानबाजी के बजाए एक मंच पर आकर समाधार ढूंढे और तत्काल उस पर अमल प्रारंभ करें। छिंदवाड़ा अपडेट की ओर से कुछ सुझाव भी प्रस्तुत हैंः-
- प्रभावित वार्डो के एक-एक नागरिक के घर तक टैंकर के माध्यम से जलापूर्ति व्यवस्था।
- जलापूर्ति का सार्वजनिक टाइम-टेबल।
- पाइपलाइन और जल संयंत्रों की स्थिति की दैनिक जानकारी मीडिया, डिजीटल न्यूज प्लेटफार्म, सोशल मीडिया के माध्यम से लोगों को दी जाए ।
- भविष्य में इस तरह के संकट से बचने के लिए दीर्घकालीन जल संरक्षण और नए स्रोतों की योजना पर अभी से काम शुरू किया जाए।
- नागरिकों के लिए शिकायतों के लिए एक हेल्पलाईन नंबर प्रारंभ कर उस पर त्वरित समाधान किया जाए।
छिंदवाड़ा अपडेट की अपील
यह समय एक-दूसरे को दोष देने का नहीं, बल्कि जनता का विश्वास जीतने का है। पानी पर राजनीति करने से किसी की प्यास नहीं बुझेगी।
विशेष आग्रह - छिंदवाड़ा अपडेट मानता है कि लोकतंत्र में आलोचना आवश्यक है, लेकिन उससे भी अधिक आवश्यक है जवाबदेही। पानी जैसी मूलभूत सुविधा किसी भी शहर की प्राथमिक जिम्मेदारी है। जनता को बयान नहीं, समाधान चाहिए।