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देसी डिप्लोमा के 40 प्रतिभागियों कलेक्टर ने दिए प्रमाण-पत्र

देसी डिप्लोमा के 40 प्रतिभागियों कलेक्टर ने दिए प्रमाण-पत्र
कृषि जगत
24-Jul-26
पहली बार एप्पल की किस्म ‘हरमन-99’ एवं पपीता की ‘जे-15’ का रोपण

छिन्दवाडा 

आंचलिक अनुसंधान केंद्र, चंदनगांव छिंदवाड़ा के सभाकक्ष में शुक्रवार को कृषि आदान विक्रेताओं के लिए संचालित एक वर्षीय डिप्लोमा इन एग्रीकल्चरल एक्सटेंशन सर्विसेज फॉर इनपुट डीलर्स (देसी) के 14वें बैच के 40 प्रतिभागियों को कलेक्टर हरेंद्र नारायन द्वारा प्रमाण-पत्र वितरित किए गए।

कार्यक्रम में कलेक्टर श्री नारायन ने प्रतिभागियों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि प्रशिक्षित कृषि आदान विक्रेता किसानों तक गुणवत्तापूर्ण खाद, बीज एवं कीटनाशक सामग्री पहुंचाने के साथ-साथ आधुनिक कृषि तकनीकों के प्रसार में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। उन्होंने डिप्लोमा धारकों को खाद, बीज एवं कीटनाशक विक्रय से संबंधित नियमों एवं अधिनियमों के अनुरूप व्यवसाय संचालित करने के निर्देश दिए।

कलेक्टर श्री नारायन ने उपसंचालक कृषि को निर्देशित किया कि इच्छुक डिप्लोमा धारकों को कृषि आदान की दुकान स्थापित करने के लिए आवश्यक ऋण एवं क्रेडिट सुविधा उपलब्ध कराने के लिये विभिन्न बैंकों से समन्वय किया जाए।

उल्लेखनीय है कि शासन द्वारा कृषि आदान विक्रेताओं के लिए निर्धारित योग्यता प्राप्त करना अनिवार्य किया गया है। इसी उद्देश्य से जिले में परियोजना संचालक आत्मा के माध्यम से डीलरों एवं युवाओं के लिए एक वर्षीय डिप्लोमा कोर्स संचालित किया जा रहा है। जो युवा कृषि आदान विक्रय के लिये लाइसेंस प्राप्त करना चाहते हैं, उनके लिए यह डिप्लोमा अनिवार्य है। जिला स्तर पर परियोजना संचालक आत्मा नोडल एजेंसी के रूप में कार्य कर रही है तथा आंचलिक अनुसंधान केंद्र एवं कृषि विज्ञान केंद्र प्रशिक्षण संस्थान के रूप में कार्यरत हैं। अब तक 14 बैच पूर्ण हो चुके हैं और 560 प्रतिभागी डिप्लोमा प्राप्त कर चुके हैं। भारत सरकार कृषि मंत्रालय के संस्थान मैनेज, हैदराबाद द्वारा जारी प्रमाण-पत्रों का वितरण इस अवसर पर किया गया।

कार्यक्रम में आंचलिक अनुसंधान केंद्र में संचालित गतिविधियों की जानकारी डॉ. गौरव महाजन तथा कृषि विज्ञान केंद्र की गतिविधियों की जानकारी डॉ.आर.के. झाडे द्वारा दी गई। इस अवसर पर कॉलेज के डीन एवं अनुसंधान प्रमुख डॉ.आर.सी. शर्मा, उप संचालक कृषि मोरिस नाथ, परियोजना संचालक आत्मा धीरज ठाकुर, कृषि विज्ञान केंद्र देलाखारी के प्रमुख डॉ. डी.सी. श्रीवास्तव, अनुविभागीय अधिकारी नीलकंठ पटवारी, तथा देसी डिप्लोमा के फैसिलिटेटर श्री आर.डब्ल्यू. कामड़े एवं  जी.एम. ठाकरे उपस्थित थे।

कार्यक्रम के बाद कृषि विज्ञान केंद्र चंदनगांव परिसर में कलेक्टर श्री नारायन एवं वैज्ञानिकों द्वारा एप्पल की किस्म हरमन-99 तथा पपीता की किस्म जे-15 का रोपण किया गया। वैज्ञानिकों ने बताया कि इन किस्मों का जिले में उपयोगिता परीक्षण के उद्देश्य से पहली बार रोपण किया गया है। परीक्षण के संतोषजनक परिणाम प्राप्त होने पर इन किस्मों का किसानों के बीच प्रचार-प्रसार किया जाएगा, जिससे जिले में फलोत्पादन की नई संभावनाएं विकसित हो सकेंगी।
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