गेंहू की फसल का रकबा घटेगा, कम बारिश का अभी से असर
छिंदवाड़ा
04-Oct-26
माचागोरा डेम से रबी फसल के लिए किसानों को कम पानी मिलेगा
जिले में कम वर्षा होने के कारण माचागोरा डेम में पानी का भराव कम
जल संसाधन विभाग ने किसानों से कम पानी वाली फसलें बोने की अपील

छिन्दवाडा अपडेट
बारिश का मौसम विदाई पर है और लेकिन अब तक जिले के छोटे-बड़े जलाशयों की प्यास नहीं बुझी है। अधिकांश जलाशयों में बहुत ही कम जल संग्रहण हुआ है। प्रकृति की मार से एक ओर जहां किसान भी चिंतित है तो वहीं सरकारी विभागों में कृषि विभाग और जल संसाधन विभाग के माथे पर पसीना अभी से दिखाई दे रहा है। पानी की कमी से रबी की फसल पर भी खतरे के बादल अभी से मंडरा रहे हैं।
पेंच व्यपवर्तन बांध जल संसाधन संभाग क्रमांक-1 चौरई के कार्यपालन यंत्री जे.के. मर्सकोले द्वारा जिला छिंदवाड़ा एवं सिवनी किसानों और आम नागरिकों को जानकारी देते हुए बताया कि वर्ष 2026-27 में अत्यधिक कम वर्षा होने के कारण जलाशय का पूर्ण भराव नहीं हुआ है। इसीलिये जो कृषक अपनी फसलें लगाना चाहते हैं, उन्हें इस वर्ष जलाशय से एक पलेवा एवं दो पानी प्रदाय किया जाना है। इसके लिए नहरों का संचालन 75 दिनों के लिए किया जाएगा।
चना, सरसों, अलसी और मटर की बोवनी करने सलाह
उन्होंने सभी कृषकों से अनुरोध किया है कि कम पानी की फसलें जैसे चना, सरसों, अलसी एवं मटर आदि की बोवनी करें। कृषक अधिक पानी वाली हाइब्रिड गेहूं अथवा गन्ना, मक्का की फसलें नहीं लगाएं। यदि वे अपनी इच्छा से अधिक पानी वाली फसल लगाते हैं तो उस परिस्थिति में निर्धारित मात्रा से अधिक पानी उपलब्ध कराने की जिम्मेदारी पेंच व्यपवर्तन बांध जल संसाधन संभाग क्रमांक-1 चौरई की नहीं होगी।