गर्भवती महिलाओं की सुविधा के लिए जिला अस्पताल में लगेंगे दो काउंटर
छिंदवाड़ा
28-Sep-26
कलेक्टर श्री नारायन ने ली समय-सीमा प्रकरणों की समीक्षा बैठक

छिन्दवाडा अपडेट
जिला अस्पताल में गर्भवती महिलाओं को सुविधाजनक एवं त्वरित सेवाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से विशेष जांच दिवसों में दो काउंटर स्थापित करने के निर्देश दिए । कलेक्टर श्री नारायन ने कहा कि अस्पताल आने वाली गर्भवती महिलाओं को पंजीयन एवं अन्य आवश्यक प्रक्रियाओं के लिए अनावश्यक परेशानी न हो तथा उन्हें बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध हों। बैठक में सेवा संकल्प अभियान, सीएम हेल्पलाइन, अवमानना प्रकरण, जिला अस्पताल में मैमोग्राफी मशीन के संचालन सहित अन्य बिंदुओं की भी समीक्षा की गई और आवश्यक दिशा निर्देश दिए।
कलेक्टर हरेंद्र नारायन ने सोमवार को कलेक्टर कार्यालय के सभाकक्ष में आयोजित समय-सीमा प्रकरणों की साप्ताहिक समीक्षा बैठक में विभिन्न विभागों के लंबित प्रकरणों, जनकल्याणकारी योजनाओं तथा शासन की प्राथमिकता वाले विषयों की विभागवार विस्तृत समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को प्रकरणों का समयबद्ध निराकरण सुनिश्चित करने तथा योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन के निर्देश दिए। विभिन्न समसामयिक मुद्दों पर भी चर्चा हुई और आवश्यक दिशा निर्देश प्रदान किए गए। बैठक में सीईओ जिला पंचायत अग्रिम कुमार और अपर कलेक्टर धीरेन्द्र सिंह सहित विभिन्न विभागों के जिला स्तरीय एवं मुख्यालय के अधिकारी उपस्थित थे। अन्य सभी एसडीएम, जनपद सीईओ, सीएमओ सहित विकासखंड स्तरीय अधिकारी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से बैठक में शामिल हुए।
बैठक में कलेक्टर श्री नारायन ने सभी विभागों, विशेषकर स्कूल शिक्षा और महिला बाल विकास विभाग को जर्जर भवनों के चिन्हांकन और सुरक्षित भवन में शिफ्टिंग को लेकर प्रतिवेदन प्रेषित करने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट कहा है कि इस प्रतिवेदन में यह भी आवश्यक रूप से उल्लेखित हो कि जर्जर चिन्हांकित भवनों में क्या कार्यवाही की गई और अब ऐसे किसी भी भवन में स्कूल अथवा आंगनबाड़ी केंद्र संचालित नहीं किए जा रहे हैं। कलेक्टर श्री नारायन ने स्कूल बसों की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सख्त रुख अपनाते हुए जिले में स्कूल वाहनों की सघन जांच करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि स्कूल बसों में निर्धारित सुरक्षा मानकों, आवश्यक दस्तावेजों एवं अन्य अनिवार्य व्यवस्थाओं की जांच की जाए तथा नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर नियमानुसार कार्रवाई की जाए। कई मैजिक वाहन पीछे के डोर से लगी सीट पर भी बच्चों को बैठाते हैं, बच्चों की सुरक्षा की दृष्टि से यह बिल्कुल भी उचित नहीं हैं। साथ ही स्कूली वाहनों की गति सीमा पर भी ध्यान दिया जाए, स्कूल बसों में स्पीड गवर्नर अनिवार्य रूप से लगे होने चाहिए। उन्होंने जिला शिक्षा अधिकारी को इस संबंध में सभी स्कूलों के प्राचार्य और प्रबंधन को पत्र जारी करने और आर.टी.ओ. को पालन सुनिश्चित कराने के निर्देश दिए। इसके अलावा होटल और रेंस्टोरेंट में जांच, पीएम श्रम योगी मानधन योजना में पंजीयन, पीएमएफएमई प्रकरणों में प्रगति लाने और परासिया में शिशु रोग विशेषज्ञों की उपस्थिति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।