कमलनाथ के पत्र पर कृषि संकाय विद्यार्थियों की समस्या हुई हल
राजनीति
30-Sep-26
कमलनाथ ने कृषि एवं किसान कल्याण और ग्रामीण विकास मंत्री को लिखा था पत्र

छिन्दवाड़ा अपडेट
पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ के पत्र पर मप्र के हजारों कृषि संकाय के विद्यार्थियों की समस्याओं का समाधान हुआ है। उन्होंने पत्र के माध्यम से मप्र के कृषि विद्यार्थियों की सबसे बड़ी परेशानी से केन्द्रीय कृषि एवं किसान कल्याण और ग्रामीण विकास मंत्री का ध्यानाकर्षण कराते हुए अविलम्ब समाधान हेतु आग्रह किया था।
कमलनाथ ने किस बात का किया था अनुरोध
पूर्व सीएम व वर्तमान विधायक कमलनाथ ने अपने अर्द्ध शासकीय पत्र क्रमांक 192 में उल्लेख किया था कि गत वर्ष 04 अक्टूबर 2025 केन्द्रीय कृषि मंत्री के द्वारा ‘वन नेशन, वन एग्रीकल्चर, वन टीम की भावना के अनुरूप यह महत्वपूर्ण घोषणा की थी, कि कृषि स्नातक की 20 प्रतिशत सीटों पर प्रवेश अखिल भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद की परीक्षा के माध्यम से होगा। किन्तु भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (यूजी) 2025-26 की काउंसलिंग प्रक्रिया में मप्र माध्यमिक शिक्षा मंडल के कृषि संकाय के हजारों विद्यार्थियों को उनके विषय समूह के आधार पर अयोग्य माना जा रहा है। जबकि मप्र के विद्यार्थी कक्षा 12 वीं में एजी-1 (कृषि के लिए उपयोगी विज्ञान और गणित के तत्व), एजी-2 (फसल उत्पादन और बागवानी), एजी-3 (पशुपालन) जैसे विषयों का नियमित अध्ययन करते हैं और भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद की परीक्षा एबीसी विषय समूह के अंतर्गत उत्कृष्ट प्रदर्शन के साथ उत्तीर्ण भी होते हैं इसके बावजूद काउंसलिंग के समय उनके विषय समूह को मान्यता न मिलना अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण एवं अन्यायपूर्ण स्थिति है।
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता कमलनाथ ने पत्र के अंत में कृषि एवं किसान कल्याण और ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान से आग्रह किया कि प्रदेश के हजारों छात्रों के भविष्य को दृष्टिगत रखते हुए माध्यमिक शिक्षा मंडल के एजी-1, एजी-2 एजी-3 एवं एबीसी विषय समूह को भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (यूजी) काउंसलिंग में मान्यता प्रदान करने हेतु आदेश प्रदान करें ताकि हजारों विद्यार्थियों का भविष्य सुरक्षित हो सके।
कृषि मंत्री ने पत्र पर लिया संज्ञान
पूर्व सीएम कमलनाथ के पत्र पर संज्ञान लेने के उपरांत केन्द्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने प्रत्युत्तर में कहा कि मप्र माध्यमिक शिक्षा मंडल में एजी-1, एजी-2, एजी-3 एवं एबीसी विषय समूह को भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (यूजी) काउंसलिंग में मान्यता प्रदान करने हेतु अनुरोध किया है। जांच भी कराई गई जिसमें पाया गया कि आईसीएआर-यूजी काउंसलिंग 2025 की गाइडलाइन पर पुनर्विचार कर एबीसी एवं इंटर एग्रीकल्चर स्ट्रीम के विद्यार्थियों को प्रवेश का अवसर प्रदान कर दिया गया है। इसके साथ ही विभिन्न विश्वविद्यालयों के उपकुलपतियों को भी ईमेल में एबीसी समूह के विद्यार्थियों को दाखिले के संदर्भ में विशेष निर्देश दिए गए हैं।