विद्यार्थियों को अनुशासन और सकारात्मक सोच का दिया मंत्र
शिक्षा
06-Oct-26
पॉलीटेक्निक कॉलेज में विशेषज्ञ व्याख्यान
तकनीकी शिक्षा के साथ जीवन कौशल और सोशल मीडिया के प्रभाव पर हुई चर्चा

छिंदवाड़ा अपडेट
सेवा संकल्प अभियान-2026 के अंतर्गत इंदिरा गांधी शासकीय पॉलीटेक्निक महाविद्यालय, छिंदवाड़ा में विद्यार्थियों एवं युवाओं के व्यक्तित्व विकास को लेकर विशेष व्याख्यान का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में केंद्रीय विद्यालय के प्राचार्य हरि धारकर ने विद्यार्थियों को व्यक्तित्व विकास, जीवन कौशल, अनुशासन, निरंतरता और सकारात्मक सोच के विभिन्न पहलुओं पर मार्गदर्शन दिया।
विशेषज्ञ व्याख्यान में श्री धारकर ने कहा कि “सफलता की पहली सीढ़ी अपने व्यक्तित्व का विकास है।” उन्होंने कहा कि अच्छा व्यक्तित्व केवल बाहरी व्यक्तित्व तक सीमित नहीं है, बल्कि व्यक्ति की सोच, व्यवहार, संवाद शैली, निर्णय क्षमता, अनुशासन और परिस्थितियों के प्रति सकारात्मक दृष्टिकोण से मिलकर बनता है। विद्यार्थियों को अपने लक्ष्य के प्रति निरंतर प्रयास करने तथा समय और अवसरों का सदुपयोग करने के लिए प्रेरित किया गया।
तकनीकी ज्ञान के साथ व्यक्तित्व विकास भी जरूरी
महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. आलोक यादव ने कहा कि वर्तमान प्रतिस्पर्धात्मक दौर में विद्यार्थियों के लिए तकनीकी ज्ञान के साथ-साथ बौद्धिक क्षमता, व्यवहार-कौशल और व्यक्तित्व विकास भी अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने विद्यार्थियों को कर्म के महत्व को समझाते हुए श्रीमद्भगवद्गीता के संदेश “कर्मण्येवाधिकारस्ते मा फलेषु कदाचन” का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि सही दिशा में निरंतर कर्म करने से व्यक्ति को मानसिक शांति, आत्मविश्वास और सफलता की ओर आगे बढ़ने की प्रेरणा मिलती है।
कार्यक्रम के दौरान विशेष रूप से छात्राओं ने विशेषज्ञ के साथ संवाद करते हुए जीवन कौशल, आत्मविश्वास, सकारात्मक सोच तथा व्यक्तित्व विकास से जुड़े विभिन्न विषयों पर जानकारी प्राप्त की। विद्यार्थियों को यह भी बताया गया कि आज के समय में सोशल मीडिया उनके व्यक्तित्व, सोच, समय-प्रबंधन और व्यवहार को किस प्रकार प्रभावित कर सकता है। सोशल मीडिया के सकारात्मक उपयोग के साथ अनावश्यक समय व्यतीत करने से बचने तथा डिजिटल अनुशासन अपनाने पर भी जोर दिया गया।
कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों को केवल रोजगारपरक तकनीकी शिक्षा तक सीमित न रखते हुए उन्हें आत्मविश्वासी, अनुशासित, सकारात्मक और जिम्मेदार व्यक्तित्व के रूप में विकसित करना रहा।
कार्यक्रम का मंच संचालन कार्यक्रम समन्वयक श्रीमती नीलम खासकलम ने किया। आभार प्रदर्शन सहायक कार्यक्रम समन्वयक श्री राकेश कुमार कावरे ने किया। इस अवसर पर श्रीमती ओम कटकवार, श्रीमती शाइस्ता अंसारी, श्रीमती स्वाति चौरसिया, कु. आकांक्षा बुनकर, श्रीमती शैली कराड़े, कुमारी ज्योति कामडे सहित महाविद्यालय के अन्य स्टाफ सदस्य उपस्थित रहे।