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तामिया के किसानों ने कांग्रेस कार्यालय पहुंचकर बताई समस्या

तामिया के किसानों ने कांग्रेस कार्यालय पहुंचकर बताई समस्या
राजनीति
22-Sep-26
कमलनाथ व नकुलनाथ ने उचित समाधान का दिलाया भरोसा

छिन्दवाड़ा

आदिवासी अंचल तामिया विकासखंड के 11 ग्रामों के सैकड़ों आदिवासी किसान भाइयों ने राहत और मदद की उम्मीद मप्र के पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ जी एवं जिले के पूर्व सांसद नकुलनाथ जी से बांधी है। उन्होंने दूधी सिंचाई परियोजना से प्रभावित 11 ग्रामों की कृषि एवं पुश्तैनी भूमि के अधिग्रहण, फर्जी आमसभा, बार-बार नोटिस जारी कर मानसिक प्रताड़ना एवं बिना ग्राम सभा की स्वतंत्र सहमति से भूमि अधिग्रहण की कार्रवाई को तत्काल बंद करने व परियोजना को तत्काल निरस्त करने की मांग राजीव भवन स्थित कांग्रेस कार्यालय पहुंचकर की है।

जिला कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष विश्वनाथ ओकटे व परासिया विधानसभा प्रभारी राजीव तिवारी ने समस्त आदिवासी किसान भाइयों की समस्याओं को गम्भीरतापूर्वक सुना जिसके पश्चात दूरभाष पर कमलनाथ जी एवं नकुलनाथ जी से चर्चा की जिस पर नेताद्वय ने आश्वस्त करते हुए कहा कि उनकी समस्याओं निदान हेतु तत्काल सरकार के वरिष्ठ अधिकारियों से चर्चा कर समुचित समाधान के रास्ते निकाले जाएंगे। दरअसल दूधी परियोजना से लगभग 752.54 हेक्टेयर भूमि प्रभावित हो रही है जिससे कुल 1 हजार 166 भूमि स्वामी परिवार प्रभावित हो रहे हैं। किसान भाइयों को ना तो पर्याप्त मुआवजा मिल रहा है ना ही उनकी सुनवाई हो रही है। इतना ही नहीं बांध का निर्माण तामिया विकासखण्ड में किया जा रहा है जिसका सम्पूर्ण पानी नरसिंहपुर जिले को प्राप्त होगा इसका कोई भी फायदा तामिया विकाखण्ड को नहीं मिलना ना ही प्रभावित किसान भाइयों को।

किसान भाइयों ने बताया कि जिन क्षेत्रों से जबरन भूमि अधिग्रहित की जा रही है वहां पेसा अधिनियम 1996 तथा मप्र पेसा नियम 2022 लागू हैं। ग्रामसभाओं ने पहले ही परियोजना का विरोध किया है इसके बाद भी तानाशाही करते हुए किसान भाइयों की जमीनों का अधिग्रहण किया जा रहा है। पीड़ित कृषकों का साफ कहना है कि उन्हें मुआवजा नहीं ब्लकि उनकी जमीन ही चाहिए, क्योंकि जमीन से ही उनका पेट जुड़ा हुआ है, अगर जमीन चली गई तो वे कहीं के नहीं रहेंगे। उन्होंने भाजपा सरकार की अनीतियों को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि सरकार किसानों को बर्बाद करने का मन बना चुकी है, इसीलिये किसी भी स्तर पर कोई सुनवाई नहीं हो रही है। किसान भाइयों से चर्चा के दौरान सचिन वानखेड़े, फिरोज खान व गुंजन शुक्ला उपस्थित रहे।
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