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सुदामा चरित्र व राजा परीक्षित मोक्ष प्रसंग के साथ श्रीमद्भागवत कथा का समापन

सुदामा चरित्र व राजा परीक्षित मोक्ष प्रसंग के साथ श्रीमद्भागवत कथा का समापन
धर्म
02-Oct-26
सातवें दिन आरती व प्रसाद वितरण के साथ बड़ी संख्या में पहुंचे श्रद्धालु

छिंदवाड़ा अपडेट

स्थानीय श्रीराम मंदिर छोटी बाजार मानस भवन में पितृपक्ष (श्राद्ध पक्ष) के पावन अवसर पर आयोजित सात दिवसीय श्रीमद्भागवत कथा का समापन भक्तिमय माहौल में हुआ। कथा के अंतिम दिन परम पूज्य महामंडलेश्वर नागेंद्र ब्रह्मचारी महाराज ने भगवान श्रीकृष्ण के 16,108 विवाह, सुदामा चरित्र एवं राजा परीक्षित मोक्ष के प्रसंगों का भावपूर्ण वर्णन किया।

कथा व्यास नागेंद्र ब्रह्मचारी जी ने सुदामा चरित्र का वर्णन करते हुए कहा कि सच्ची मित्रता और निष्काम भक्ति का उत्कृष्ट उदाहरण सुदामा जी का जीवन है। भगवान श्रीकृष्ण ने अपने दरिद्र मित्र सुदामा का सत्कार कर समाज को समरसता और निस्वार्थ प्रेम का संदेश दिया। इसके पश्चात उन्होंने राजा परीक्षित के मोक्ष और भगवान श्रीकृष्ण के स्वधाम गमन की कथा सुनाकर श्रद्धालुओं को भावविभोर कर दिया। कथा के अंत में पूज्य महाराज जी ने सात दिनों की संपूर्ण भागवत कथा का संक्षिप्त सार प्रस्तुत करते हुए श्रद्धालुओं को जीवन में धर्म, भक्ति और सतकर्म अपनाने का उपदेश दिया।

समापन अवसर पर श्रीराम मंदिर मानस भवन में बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे। कथा विश्राम के बाद महाआरती की गई एवं उपस्थित जनसमूह के बीच महाप्रसाद का वितरण किया गया। इस दौरान पूरा वातावरण जय श्री कृष्णा औरश्हरि ओम के जयकारों से गुंजायमान रहा।
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