श्री राम ने किया अहिल्या उद्धार और ताड़का वध
धर्म
08-Oct-26
मारीच और सुबाहु दरबार के दृश्यों ने दर्शकों को किया आकर्षित

छिंदवाड़ा अपडेट
स्थानीय छोटी बाजार रामलीला रंगमंच पर चल रही श्रीरामलीला में दूसरे दिवस मुनि आगमन, ताड़का वध की लीला खेली गई। रामलीला मण्डल के अध्यक्ष अरविंद राजपूत ने बताया कि लीला का दूसरा दिन दर्शकों की संख्या में अप्रत्याशित वृद्धि हुई।
मण्डल के सह निर्देशक विपुल विश्वकर्मा ने दूसरे दिन की लीला के बारे में बताया कि राजा दशरथ की आज्ञानुसार श्री राम अपने भाइयों सहित गुरु वशिष्ठ के आश्रम में शिक्षा हेतु प्रस्थान करते है। गुरुकुल में गुरु वशिष्ठ द्वारा उन्हें विद्या दान देकर वापस राज महल भेजा जाता है।
महामुनि विश्वामित्र एवं अन्य ऋषियों के यज्ञ एवं तपस्या को भंग करने का कार्य लगातार मारीच एवं सुबाहु राक्षसों द्वारा किया जा रहा था।
यज्ञ एवं धर्म की रक्षा के लिए महामुनि विश्वामित्र राजा दशरथ के पास जाकर उनके दो पुत्र राम-लक्ष्मण को मांगते है एवं उन्हें लेकर आश्रम की ओर प्रस्थान करते है। मार्ग में श्री राम ताड़का नामक राक्षसी का वध करते है। अपनी दिनचर्या अनुसार मारीच एवं सुबाहु राक्षस महामुनि विश्वामित्र का का यज्ञ भंग करने आते है। श्री राम एवं लक्ष्मण सुबाहु का सेना सहित वध करते है एवं मारीच को सौ योजन पार भेज देते है। जनकपुरी के ओर प्रस्थान करते समय मार्ग में विश्वामित्र श्रीराम एवं लक्ष्मण को गंगा अवतरण एवं देवी अहिल्या की कथा सुनाते है। श्रीराम द्वारा चरण रज से अहिल्या का उद्धार किया जाता है।
जनकपुर पहुँचने पर जयद्रथ बाग में श्री राम एवं सीता के एक दूसरे के दर्शन का मंचन भी किया गया। सहनिर्देशक शशांक दुबे ने बताया कि आज धनुष यज्ञ एवं लक्ष्मण-परशुराम संवाद का मंचन किया जावेगा। आज का मंचन भव्य साज सज्जा के साथ किया जाएगा जिसके लिए आधुनिकता के नवीन रंग में जनक पुरी को सजाया जाएगा। प्रचार सचिव राहुल द्विवेदी ने बताया कि रामलीला को सोशल मीडिया के माध्यम से हजारों की संख्या में लोग देख रहें है।