स्वच्छ सर्वेक्षण में सफलता के लिए नगर निगम के प्रयासों से लोग असंतुष्ट
छिंदवाड़ा
12-May-26
और अधिक प्रयासों की आवश्यकता पर जोर
छिंदवाड़ा
नगर निगम स्वच्छता को लेकर खुद की कितनी ही पीठ थपथपा ले अथवा कागजों में कितनी ही कार्यवाही कर ले लेकिन जब रिजल्ट आता है तो हकीकत कुछ और ही निकल कर आती है। आम जनता सबकुछ देखती है और उस हिसाब से अपना ओपिनियन देती है फिर चाहे केंद्र सरकार की सर्वे टीम हो, राज्य सरकार का सर्वे हो या फिर छिंदवाड़ा अपडेट जनमत का।

छिंदवाड़ा अपडेट विभिन्न मुद्दों को लेकर जनमत के माध्यम से आम जनता के मन को टटोलता रहा है जिसके रिजल्ट समय-समय पर हमने जनता के सामने रखे है। छिंदवाड़ा अपडेट का जनमत आईना है हर उस विषय का जिससे जनता का सीधे सरोकार है फिर चाहे वह राजनीतिक हो, प्रशासनिक हो या फिर कोई अन्य।
इस बार हमने जनमत में स्वच्छ सर्वेक्षण में सफलता के लिए नगर निगम के प्रयासों से आप कितने संतुष्ट है इस विषय को चुना था जिसमें चार विकल्प दिए गए थे लेकिन यह लिखते हुए हमें अच्छा नहीं लग रहा है कि शहर की जनता नगर निगम के प्रयासों से असंतुष्ट है क्योंकि सबसे ज्यादा 51. 2 प्रतिशत लोगों ने इस विकल्प को चुना। जनता का यह भी मानना है कि उसे और अधिक प्रयास करने होंगे क्योंकि इसके बाद दूसरे नंबर पर 31.7 प्रतिशत लोगों माना कि नगर निगम को और प्रयास करना चाहिए। नगर निगम के प्रयासों से संतुष्ट का प्रतिशत बहुत ही कम मात्र 14.6 प्रतिशत रहा जबकि चौथे विकल्प ठीक है को मात्र 2.4 प्रतिशत लोगों ने चुना।
भारतीय समाज में एक कहावत कही जाती है कि जब चावल पका है अथवा नहीं यह देखना होता है तो चावल के एक-दो दानों को मसककर देखा जाता है उसके अनुसार पूरे चावल के दानों का अनुमान लग जाता है जो लगभग हर बार सही साबित होता है। कुछ इस तरह की नगर निगम को स्वच्छता सर्वेक्षण में इंदौर की तरह नंबर 1 बनना है तो उसे जनमत के फीडबैक को ध्यान रखकर आगे और बेहतर प्रयास करने की आवश्यकता है। फिलहाल तो जनता की नजर में उसके प्रयास असंतुष्टीजनक है। जब शहर की जनता ही असंतुष्ट नजर आ रही है तो फिर केंद्र की सर्वे टीम को वह कैसे संतुष्ट कर पाएगी और वह कैसे नंबर 1 की रैकिंग हासिल कर पाएगी यह प्रश्न नगर निगम के सामने है और देखना है कि आगे वह इस पर कब और कैसे कार्यवाही करती है।