पातालकोट के पहाड़ों में पहुंचे राष्ट्रीय स्तर के ट्रेकर्स
छिंदवाड़ा
17-Oct-26
चार दिवसीय ट्रेकिंग में 23 वर्षीय युवा से लेकर 76 वर्षीय बुजुर्ग तक हुये शामिल
पातालकोट के रीतिरिवाजों, पारंपरिक जीवनशैली सहित इतिहास को जाना ट्रेकर्स ने

छिन्दवाडा अपडेट
मध्यप्रदेश टूरिज्म बोर्ड, जिला प्रशासन और इंडिया हाईक्स के संयुक्त तत्वावधान में छिंदवाड़ा के पातालकोट में राष्ट्रीय स्तर का ट्रेकिंग कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है। इसमें देश के विभिन्न महानगरों से आए 20 ट्रेकर्स भाग ले रहे हैं। ट्रेकिंग में 23 वर्षीय युवा से लेकर 76 वर्षीय बुजुर्ग तक शामिल हैं। लगभग 25 किलोमीटर लंबे इस ट्रेकिंग कार्यक्रम के दौरान ट्रेकर्स पातालकोट की गहराई में दूधी नदी के किनारे राजाखोह में रेत, पत्थरों, पहाड़ों और जंगलों के बीच रहकर प्रकृति के करीब आने का शानदार अनुभव ले रहे हैं। इस कार्यक्रम के माध्यम से पातालकोट के युवाओं और जनजातीय समुदाय के लोगों को प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रूप से रोजगार के अवसर भी उपलब्ध हो रहे हैं। ट्रेकर्स का चिमटीपुर में भावभीना स्वागत किया गया।
कलेक्टर हरेंद्र नारायन और जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी अग्रिम कुमार के मार्गदर्शन में जिले में पर्यटन विकास के लिए अनेक गतिविधियां आयोजित की जा रही हैं। इसी कड़ी में पर्यटन को बढ़ावा देने और रोजगार के नए विकल्प तलाशने के उद्देश्य से मध्यप्रदेश टूरिज्म बोर्ड, जिला प्रशासन और इंडिया हाईक्स की पहल पर यह ट्रेकिंग कार्यक्रम आयोजित किया गया है। इसमें पुणे, गुरुग्राम, चेन्नई, नागपुर, बेंगलुरु, अहमदाबाद सहित अन्य स्थानों से आए 20 ट्रेकर्स सहभागिता कर रहे हैं। सभी ट्रेकर्स स्थानीय गाइड के साथ ट्रेकिंग कर रहे हैं।
ट्रेकर्स ने लिया प्रकृति के करीब आने का सुखद अनुभव
देशभर से आए ट्रेकर्स के लिए यह ट्रेकिंग कार्यक्रम प्रकृति के करीब आने का अनूठा अवसर बन रहा है। ट्रेकर्स ने बताया कि पातालकोट अंचल के हरे-भरे जंगल, कोहरे से ढकी पहाड़ों की चोटियां और शांत वादियां मन को सुकून देती हैं। पातालकोट जैसे पर्वतीय क्षेत्र में ट्रेकिंग करने से यहां के रीति-रिवाजों, पारंपरिक जीवनशैली, संस्कृति और इतिहास को करीब से जानने का अवसर मिल रहा है। यह अनुभव न केवल ज्ञान बढ़ाता है, बल्कि व्यक्ति को बेहतर इंसान बनने की प्रेरणा भी देता है।