श्रीराम ने किया धनुष-भंजन, विदेहराज की प्रतिज्ञा हुई पूर्ण
धर्म
09-Oct-26
रोशनी से जगमगाता छोटी बाज़ार बना जनकपुरी

छिंदवाड़ा अपडेट
दिन प्रतिदिन नवाचारों से समृद्ध हो रही छिंदवाड़ा की ऐतिहासिक रामलीला में आज धनुष यज्ञ (सीता स्वयंवर )की लीला खेली गई। मण्डल के उपाध्यक्ष सह कोषाध्यक्ष कपिल गुप्ता एवं दिवस दुबे ने बताया ने कि इस वर्ष नवीन साज सज्जा के साथ श्रीराम विवाह की लीला सम्पन्न हुई ।
संरक्षक एवं वरिष्ठ कलाकार राजू माहोरे ने बताया कि भव्य जनकपुरी की सभा मे सर्वप्रथम राजा जनक जी का मुनि शतानंद जी के साथ प्रवेश हुआ।
इसके पूर्व जिला कलेक्टर हरेन्द्र नारायण, डीआईजी राकेश सिंह, सीईओ अग्रिम कुमार, ईश्वरी चौरसिया, चंद्रभान सेंगर और मिथलेश भारद्वाज को आज की आरती के लिए मुख्य अतिथि के रूप में बुलाया गया। मंचासीन अतिथियों ने अपने उद्बोधन में कहा कि समाज में सभी को राम जैसा मर्यादित जीवन जीने का प्रयास करना चाहिए। एक अच्छे समाज के निर्माण में रामायण आज भी अपना योगदान देती है। अतिथियों ने रामलीला मंचन की प्रशंसा भी की।
विश्वामित्र जी एवं राम लक्ष्मण के प्रवेश के उपरांत प्रतिभागी राजाओं का प्रवेश हुआ। राजसभा में वाणासुर के प्रवेश के बाद उन्हें सभापति नियुक्त किया गया। इसके पश्चात रावण बाणासुर संवाद हुआ। संवाद उपरांत रावण एवं वाणासुर सभा से प्रस्थान करते है। इसी क्रम में जनक जी की आज्ञा से बंदीजन द्वारा महाराज की प्रतिज्ञा को सभी को सुनाया जाता है। जिसमे राजा यह प्रतिज्ञा करते है कि को भी राजा अथवा राजकुमार शिव धनुष पर प्रत्यंचा चढ़ाएंगे उनके साथ जानकी का विवाह होगा परन्तु सभी राजा इसमें असमर्थ रहते है। तब राजा जनक रोष में सभी राजाओं को प्रस्थान करने के लिए कहते है इससे लक्ष्मण भयंकर क्रोधित हो जाते है एवं श्रीराम लक्ष्मण को समझाकर शांत करते है। इसके बाद गुरु की आज्ञा से श्रीराम धनुष का भंजन करते है।
मंच निर्देशक संतोष जैन सरल ने बताया कि धनुष भंजन के बाद लक्ष्मण परशुराम संवाद की लीला खेली गई।। पटकथा निर्देशक श्रीकांत द्विवेदी ने बताया कि आज श्री राम वन गमन की लीला का मंचन किया जाएगा