छात्राओं को दी पॉक्सो एक्ट और ‘गुड टच-बैड टच’ की जानकारी
शिक्षा
25-Sep-26
छात्राओं को सतर्क रहने की सलाह
सोशल मीडिया पर अनजान लोगों से दोस्ती न करें
कोई परेशान करे तो तुरंत माता-पिता या शिक्षकों को बताएं
निःशुल्क हेल्पलाइन नंबर किसी भी शोषण या आपात स्थिति में डायल करें 112 और 1098

छिंदवाड़ा अपडेट
बालकों के विरुद्ध लगातार बढ़ रहे अपराधों की रोकथाम और उन्हें उनके अधिकारों के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से जिला प्रधान न्यायाधीश एवं विधिक सेवा प्राधिकरण के अध्यक्ष सुशांत हुद्दार के निर्देशन में शासकीय पी.एम. श्री कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, चांद में जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि शामिल हुए जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव व न्यायाधीश राकेश सिंह ने छात्राओं को संबोधित करते हुए कहा कि पॉक्सो एक्ट की सही जानकारी न होने के कारण समाज में अपराध बढ़ रहे हैं। हर छात्रा को इस कानून का ज्ञान होना आवश्यक है, तभी वे स्वयं को सुरक्षित रख सकेंगी।
बैड टच का अहसास होते ही करें शिकायत
न्यायाधीश राकेश सिंह ने छात्राओं को गुड टच और बैड टच के अंतर को समझाते हुए कहा कि यदि किसी व्यक्ति का व्यवहार या स्पर्श असुरक्षित महसूस कराए, तो बिना डरे तुरंत अपने शिक्षकों और परिजनों को सूचित करें ताकि आरोपी के विरुद्ध सख्त कानूनी कार्रवाई की जा सके। उन्होंने सोशल मीडिया के सतर्क उपयोग पर जोर देते हुए अनजान लोगों से दोस्ती न करने, छेड़खानी, पीछा करने, फोटो-वीडियो वायरल करने जैसी हरकतों को कानूनी अपराध बताया। साथ ही मौलिक अधिकारों के साथ-साथ मौलिक कर्तव्यों के पालन का भी संदेश दिया।
हेल्पलाइन और विधिक तंत्र की दी जानकारी
विधिक सेवा प्राधिकरण के सदस्य ने किशोर न्याय अधिनियम, चाइल्ड वेलफेयर कमेटी और जुवेनाइल जस्टिस बोर्ड की कार्यप्रणाली के बारे में विस्तार से बताया। उन्होंने प्रदेश में नाबालिग बालिकाओं की गुमशुदगी और बढ़ते अपराधों के आंकड़ों से अवगत कराते हुए बताया कि किसी भी प्रकार के शोषण या आपात स्थिति में निःशुल्क टोल-फ्री नंबर पुलिस डायल 112 और चाइल्ड हेल्पलाइन 1098 पर संपर्क किया जा सकता है।
बालकों के 4 मुख्य अधिकार बताए
- जीवन जीने का अधिकार
- विकास का अधिकार
- शोषण के विरुद्ध संरक्षण का अधिकार
- सहभागिता का अधिकार
कार्यक्रम के दौरान अधिवक्ता सविता सोनी ने बालकों को किशोरावस्था में अपनी जीवनशैली और सुरक्षा में सावधानियां बरतने की सलाह दी। कार्यक्रम के अंत में छात्राओं को बाल संरक्षण से जुड़ी पुस्तकें एवं जागरूकता पम्पलेट वितरित किए गए।
स्टाफ का रहा सराहनीय योगदान
कार्यक्रम की उपस्थिति संकुल प्राचार्य महेश रघुवंशी एवं प्राचार्य अनिल रघुवंशी के मार्गदर्शन में रही। मंच का कुशल संचालन परेश वर्मा ने किया तथा आभार प्रदर्शन प्राचार्य अनिल रघुवंशी द्वारा किया गया। इस आयोजन को सफल बनाने में जितेंद्र, अनिल तावड़े, ललिता रघुवंशी, मिथिलेश शर्मा सहित समस्त विद्यालय स्टाफ का सराहनीय योगदान रहा।