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गुजराती समाज का मनेगा नए संकल्पों के साथ 92 वां नवरात्रि उत्सव

गुजराती समाज का मनेगा नए संकल्पों के साथ 92 वां नवरात्रि उत्सव
धर्म
10-Oct-26
समाज का धार्मिक कार्यक्रमों के साथ पर्यावरणीय संदेश

धार्मिक स्थान पर नो प्लास्टिक जोन का निर्णय

छिंदवाड़ा अपडेट

अपनी परंपरा, संस्कृति और मां के प्रति संपूर्ण आस्था के साथ गुजराती समाज छिंदवाड़ा अपना 92 वॉं नवरात्रि उत्सव मनाने जा रहा है इस वर्ष प्रबंध समिति गुजराती समाज द्वारा दो संकल्पों के साथ नवरात्र उत्सव मनाने का निर्णय लिया है जिसमें प्रथम नो प्लास्टिक जोन स्लोगन के साथ समाज के प्रत्येक व्यक्ति को प्लास्टिक के उपयोग से बचने के लिए प्रेरित किया जाना है। गुजराती समाज का मानना है कि नवरात्रि केवल गरबा और उत्सव का पर्व नहीं, बल्कि संस्कार, संस्कृति और सामाजिक जिम्मेदारी का भी पर्व है।

प्लास्टिक की थैली और अन्न की बर्बादी को कहे ‘न’

प्लास्टिक की एक थैली या एक कप हमें बहुत छोटी चीज लग सकती है, लेकिन उससे पर्यावरण को होने वाला नुकसान वर्षों तक बना रहता है। आज हम जो सुविधा लेते हैं, उसका बोझ हमारी आने वाली पीढ़ियों को न उठाना पड़े। इसी क्रम में दूसरा संकल्प लिया है अन्न की बर्बादी को रोकना हमारे त्योहारों की सुंदरता केवल भव्य आयोजन में नहीं, बल्कि हमारी छोटी-छोटी अच्छी आदतों में भी होती है।

गुजराती समाज, छिंदवाड़ा की प्रबंध समिति सभी सदस्यों से हृदयपूर्वक आग्रह किया है कि भोजन लेते समय थाली में उतना ही लें, जितना आप खा सकें। इस दाने को हमारी थाली तक पहुँचाने में किसान की मेहनत, अनेक लोगों का परिश्रम, पानी, समय और प्रकृति के अमूल्य संसाधन लगे हैं। जब हम थाली में लिया हुआ भोजन फेंक देते हैं, तो केवल भोजन ही बर्बाद नहीं होता, बल्कि उससे जुड़ी पूरी मेहनत और संसाधनों का भी अपमान होता है। एक ओर कोई व्यक्ति भूखा हो और दूसरी ओर अन्न कचरे में जाए हमारे संस्कारी समाज के लिए इससे बड़ी विडंबना क्या हो सकती है? गुजराती समाज का धार्मिक नवरात्र उत्सव 1935 से निरंतर अपनी पहचान बनाए हुए होता चला जा रहा है। इस वर्ष भी युवा मंडल गुजराती समाज द्वारा गरबा स्थल को अत्यधिक भव्य और आकर्षक रूप में सजाया गया है। महिला मंडल द्वारा नवरात्रि के पूरे 9 दिन विभिन्न गरबा प्रतियोगिताओं का भी आयोजन किया गया है।

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जीवन में ऐसी कोई चीज नहीं है जिससे डरा जाये जरूरत केवल उसे समझने की है.!