छिन्दवाड़ा व पांढुर्ना जिले को तत्काल सूखाग्रस्त घोषित कर सरकार: नकुलनाथ
राजनीति
10-Oct-26
अल्पवर्षा से खरीफ की फसलें प्रभावित और रबी सीजन के लिए सिंचाई का नहीं पानी
एक कॉर्न सिटी तो दूसरा संतरांचल के नाम से जाना जाता है

छिन्दवाड़ा अपडेट
जिले के पूर्व सांसद नकुलनाथ ने अल्पवर्षा से प्रभावित किसान भाइयों की समस्याओं के निराकरण के लिए ठोस कदम उठाए जाने का आग्रह प्रदेश की भाजपा सरकार से किया है। उन्होंने कहा कि अल्पवर्षा के चलते छिन्दवाड़ा और पांढुर्ना जिले के किसानों की फसलों पर गम्भीर संकट उत्पन्न हो चुका है। इस अति गम्भीर समस्या व आर्थिक परेशानी को दृष्टिगत रखते हुए दोनों ही जिलों को अविलम्ब सूखाग्रस्त घोषित करें साथ ही हर संभव मदद किसान भाइयों तक पहुंचाएं ताकि वे आर्थिक संकट से उभर सके और परिवार का भरण पोषण कर सके।
आज दोनों ही जिले प्राकृतिक संकट का सामना कर रहे हैं, यह किसी सरकार द्वारा निर्मित संकट नहीं है, किन्तु इस दौर में सरकार की नैतिक जिम्मेदारी बनती है कि वह किसान भाइयों के संकट और समस्याओं को गम्भीरता से देखें। प्रभावित हुई फसलों के सर्वे की औपचारिकता पूरी करने की बजाए किसानों को मुआवजा दिया जाए। मेरी सरकार से यह भी मांग है कि फसल बीमा की राशि भी तत्काल जारी की जाए। जिससे किसान भाइयों को तत्काल राहत मिल सके।
यह बात सर्वविदित है कि दोनों ही जिलों के अधिकांश हिस्से ऐसे भी है जहां बारिश नाम मात्र की हुई है जिससे फसलों को भारी नुकसान पहुंचा है। इससे किसान भाइयों की आर्थिक स्थिति पर विपरीत प्रभाव पड़ा है। पूर्णतः खेती-किसानी पर निर्भर परिवारों के लिए यह स्थिति बेहद चिंताजनक है। वर्तमान परिस्थितियों में समय पर सहायता नहीं मिलने से किसानों की परेशानी और बढ़ेगी। जिले का किसान तमाम प्राकृतिक विपरीत परिस्थितियों, महंगे खाद, बीज और बिजली का उपयोग कर कृषि कार्य करता है। अन्न का उत्पादन कर स्वयं व देश के भरण पोषण की भूमिका निभाता है। किन्तु आज जब वह स्वयं संकट का जूझ रहा है तो सरकार की जिम्मेदारी बनती है कि प्रत्येक किसान भाई को समय रहते आर्थिक सहारा दिया जाए ताकि वह खेती-किसानी से जुड़ा रहे।
वर्तमान परिस्थितियों को देखते हुए मेरी प्रदेश की भाजपा सरकार से यह मांग है कि सर्वप्रथम छिन्दवाड़ा-पांढुर्ना जिले को सूखाग्रस्त घोषित किया जाए। किसानों भाइयों के बिजली बिलों को तत्काल माफ करने के आदेश दिए जाए। किसान भाइयों के बैंकों का कर्ज माफ किया जाए। फसल बीमा की राशि तत्काल प्रदान की जाए साथ ही सरकार की ओर से हर संभव मदद दी जाए। किसी भी प्रकार की देनदारी के लिए किसान भाइयों को परेशान नहीं किया जाए यह भी सरकार तत्काल सुनिश्चित करें। देश की लगभग 46 प्रतिशत आबादी कृषि पर निर्भर है, इसीलिये किसान और कृषि दोनों को सुरक्षित रखना सरकार की नैतिक जिम्मेदारी है, इसीलिये मेरा प्रदेश सरकार से पुनरू आग्रह है कि वह उपरोक्त बिन्दुओं को गम्भीरतापूर्वक लेते हुए तत्काल किसान भाइयों के हितों में निर्णय लें।