विश्व बालिका दिवस पर बालिकाओं का किया गया सम्मान
शिक्षा
14-Oct-26
छिंदवाड़ा अपडेट

बाल विवाह के खिलाफ कड़े कानून होना जरूरी है, लेकिन केवल कानून ही पर्याप्त नहीं है। असली बदलाव परिवार और समाज की सोच बदलने से ही आएगा। जब तक समाज में बेटियों को आर्थिक बोझ या पराया धन मानने वाली मानसिकता बनी रहेगी, उसे चुनौती देना होगा। इसी संदेश को जन-जन तक पहुँचाने के उद्देश्य से विश्व बालिका दिवस के अवसर पर उत्कृष्ट कन्या छात्रावास में एक जन जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। यह आयोजन महिला एवं बाल विकास विभाग के तत्वावधान में तथा जिला कार्यक्रम अधिकारी बृजेश शिवहरे के निर्देशन में संपन्न हुआ।
कार्यक्रम में उपस्थिति अतिथियों ने कहा कि बाल विवाह का अंत करना और बालिकाओं के हित में निर्णय सुरक्षित करना अत्यंत आवश्यक है, ताकि हर बेटी सम्मान, स्वतंत्रता और समान अवसरों के साथ आगे बढ़ सके और अपने सपनों को साकार कर सके। माता-पिता, सामाजिक संगठनों, शिक्षकों और सामुदायिक नेतृत्व को एकजुट होकर काम करना होगा। हमें बेटियों का बाल विवाह रोकने के साथ-साथ उन्हें शिक्षित और सक्षम बनाने पर बल देना होगा। विभाग की योजनाओं की जानकारी देते हुए बताया गया कि बेटी बचाओ अभियान के अंतर्गत बेटियों के सशक्तीकरण के लिए विभिन्न योजनाओं व गतिविधियों के माध्यम से उन्हें लगातार प्रोत्साहित किया जा रहा है। कार्यक्रम के अंत में छात्रावास की प्रतिभावान छात्राओं को सम्मानित किया गया। रंगोली प्रतियोगिता में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाली 5 छात्राओं तथा शैक्षणिक सत्र में सर्वाेच्च अंक प्राप्त करने वाली 5 छात्राओं को अतिथियों के हाथों मेमेंटो प्रदान कर उनका उत्साहवर्धन किया गया। इस सफल आयोजन में छात्रावास अधीक्षक साधना गजभिये एवं अर्चना डोंगरे का विशेष योगदान व सहयोग रहा।