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कांग्रेस ने किसान रैली निकालकर जिले को सूखाग्रस्त घोषित करने की मांग

कांग्रेस ने किसान रैली निकालकर जिले को सूखाग्रस्त घोषित करने की मांग
राजनीति
12-Oct-26
राजीव भवन से प्रारंभ हुई रैली, शहर के मुख्य मार्गों से होकर कलेक्ट्रेट पहुंची

छिन्दवाड़ा अपडेट

राजीव भवन स्थित कांग्रेस कार्यालय से किसान रैली प्रारंभ हुई जो शहर के मुख्य मार्गों से होते हुए कलेक्ट्रेट पहुंची। किसान भाइयों के साथ कांग्रेस ने दस सूत्रीय मांगों का महत्वपूर्ण ज्ञापन राज्यपाल के नाम सौंपा। छिन्दवाड़ा जिले को सूखाग्रस्त घोषित करने के साथ ही अन्य आवश्यक मांगों को भी अविलम्ब पूरा करने की मांग की। मप्र के पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ एवं पूर्व सांसद नकुलनाथ जी के निर्देशानुसार कांग्रेस ने किसानों के हित में हल्ला बोल प्रदर्शन किया।  

सरकार किसानों को हर संभव मदद करें

जिला कांग्रेस कमेटी छिन्दवाड़ा एवं ग्रामीण कांग्रेस कमेटी छिन्दवाड़ा भाग 01 व 02 छिन्दवाड़ा ने किसान भाइयों की मौजूदगी में सौंपे ज्ञापन में प्रमुख्ता से मांग की, कि छिन्दवाड़ा जिले को सूखाग्रस्त घोषित किया जाए। सूखाग्रस्त घोषित करने के साथ ही हर संभव मदद जिले के कृषकों दी जाए ताकि इस विषम परिस्थिति में किसान भाइयों को आर्थिक संबल मिल सके। छिन्दवाड़ा जिला मूलतः कृषि प्रधान जिला है, यहां की अधिकांश आबादी कृषि पर निर्भर है। किसानों की आय से ही बाजार की गति निर्धारित होती है। अल्पवर्षा के चलते किसानों की खरीफ की फसलें प्रभावित हो चुकी है और रबी फसलों की सिंचाई हेतु पर्याप्त पानी नहीं है। परिणामस्वरूप किसान भाइयों को आर्थिक तंगी का सामना करना पड़ रहा है। इस विषम स्थिति को दृष्टिगत रखते हुए छिन्दवाड़ा जिले को तत्काल सूखाग्रस्त घोषित किया जाए।

ये हैं प्रमुख मांगें

फसलों की खरीदी के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य में खरीदी का कानून तत्काल बनाकर उसे लागू किया जाए। ताकि कृषकों के पास मौजूद उपज को उचित व निर्धारित मूल्य प्राप्त हो सके। बिचौलियों के हाथों लुटने से बच सके और फसल का सही दाम मिल सके। जिलेभर में मक्का उपज की खरीदी सहकारी सोसाइटियों के माध्यम से समर्थन मूल्य पर की जाए। सभी सोसाइटियों में खरीदी के लिए पर्याप्त व सुविधाजनक इंतजाम किए जाए। बारदानों की कमी का किसान भाइयों को सामना ना करना पड़े यह भी सुनिश्चित किया जाए।किसान भाइयों की जमीन को तत्काल वापस करो। डूब क्षेत्र के किसान भाइयों की जमीनों का मुआवजा चार गुना ब्याज के साथ तत्काल दिया जाए। जमीन लेने के बाद मुआवजा देने में लापरवाही और कम मुआवजा दिए जाने की शिकायतें लगातार सामने आ रही है। इसे तत्काल दूर किया जाए।

आयोजित किसान रैली व ज्ञापन में विश्वनाथ ओकटे, गंगाप्रसाद तिवारी, मनीष पांडेय, सोनू मागो, जीवन पटेल, अजय सिंह रघुवंशी, सरला सिसोदिया श्रीवास्तव, कहकशा मिर्ज़ा, अपेक्षा सूर्यवंशी, संतोष पटेल, सोहन उसरेठे, कुलदीप पटेल, सुखपाल पटेल, मनोज वानखड़े, सुनील चौधरी, राजकुमार पटेल, अश्वनी पटेल, रामजी किरार, अर्जुन यदुवंशी, प्रशांत गोलू पटेल, यश कराडे, सुधीर पटेल, अग्घन शाह, धनीराम वानखड़े, नन्हे चंद्रवंशी, दीपक साहू, विनय यदुवंशी,रवेल सिंह टेखरे,उम्मेद सिंह ठाकुर, सुशील टेखरे, नरेंद्र पटेल, दिनेश साहू, अरुण डेहरिया,संतोष कराडे,सुंदर पटेल,सेवक किरार,संतोष पटसकर,नारायण पटेल,रघुवीर पटेल,अर्पित तिवारी,दशरथ उइके, राशु पटेल,अंकित सूर्यवंशी, हेमराज, दामा पटेल, चेतन कराडे, दादा कराडे, सुरेंद्र पटेल, नीतीश उसरेठे, चतरु पटेल, नेपाल कोरडे, विनोद वानखड़े, सविता नंद चौरिया, द्वारका यदुवंशी, इंद्र भान शाह, संजू माहोरे, राजेश विश्वकर्मा, सोनू पाल, ललित चौरे, संदीप सोनी, धनीराम साँख, राजेंद्र पटेल, भैया जी शिवारे, बबला पटेल, भगवानदास माहोरे, कुनसराम करवे सहित अन्य पदाधिकारीगण व कार्यकर्तागण बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।

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