कांग्रेस ने की जिले को सूखाग्रस्त क्षेत्र घोषित करने की मांग
राजनीति
05-Oct-26
मक्का, सोयाबीन की नुकसानी का तत्काल किया जाए सर्वे
फसलों का मुआवजा और फसल बीमा मिले किसानों को

छिन्दवाड़ा अपडेट
मप्र के पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ एवं जिले के पूर्व सांसद नकुलनाथ सतत रूप से छिन्दवाड़ा व पांढुर्ना जिले को सूखाग्रस्त करने की मांग उठा रहे हैं, क्योंकि दोनों ही जिलों में अल्पवर्षा से किसान प्रभावित हो चुके हैं। भविष्य को लेकर चिंतित किसानों के माथे पर चिंता की लकीरें दौड़ पड़ी है। कम बारिश से खरीफ सीजन की फसल प्रभावित हो चुकी है। सोयाबीन और मक्का की पैदवार पर विपरित असर पड़ा है। किसान आर्थिक संकट का सामना कर रहा है। रबी की फसलों में सिंचाई के लिए पर्याप्त पानी नहीं है, क्योंकि जलाशय, तालाब और स्टॉप डैम सूखे पड़े हैं। भूमिगत जल का स्तर काफी नीचे हैं। इन विपरित परिस्थितियों का सामना छिन्दवाड़ा जिले के किसान भाइयों को करना पड़ रहा है।
जिला कांग्रेस एवं किसान कांग्रेस यह मांग करती है कि इन उपरोक्त बिन्दुओं को गम्भीरता से दृष्टिगत रखते हुए तत्काल छिन्दवाड़ा जिले को सूखाग्रस्त घोषित करें। जिन जलाश्यों से सिंचाई के लिए पानी उपलब्ध कराया जाता था, वहां से भी किसान भाइयों को इस बार सिंचाई हेतु पानी नहीं मिलेगा, ऐसे में रबी की फसल पूरी तरह प्रभावित रहेगी। इसीलिये किसान हित में आवश्यक व राहत पहुंचाने वाले कदम उठाए जाने चाहिए।
जलाशयों में नहीं पर्याप्त पानी, सिंचाई के लिए पानी कहां से आएगा ?
माचागोरा, कन्हरगांव, सरोठ जलाशय सहित अन्य सभी छोटे-बड़े जलाशय प्यासे हैं। इन जलाशयों से सिंचाई के लिए पानी उपलब्ध नहीं होगा। ऐसे में किसान रबी की फसल से पूरी तरह वंचित रहेगा, यानि इस बार किसान पूरी तरह से खरीफ की फसल पर ही निर्भर रहेगा, इसीलिये कांग्रेस यह मांग करती है कि तत्काल छिन्दवाड़ा जिले को सूखाग्रस्त घोषित किया जाए। जिले में कम वर्षा व मक्का व सोयाबीन फसल नुकसानी, खरीफ और रबी फसलों को कृषि क्षेत्र में व्यापक समस्याओं को मद्देनजर रखते हुये कांग्रेस, जिला किसान कांग्रेस के प्रतिनिधिमंडल जिला कांग्रेस अध्यक्ष विश्वनाथ ओकटे, पांढुर्ना जिला प्रभारी गंगाप्रसाद तिवारी, जिला किसान कांग्रेस अध्यक्ष चौधरी पुष्पेन्द्र सिंह, गुरूचरण खरे, राजीव तिवारी, धर्मेन्द्र सोनू मागो, अजय पटेल, दिगम्बर ठाकरे, मनोज वानखेड़े, शैलेन्द्र उर्फ शैलू सेंगर ने किसान हित में जिले को तत्काल प्रभाव से सूखाग्रस्त घोषित कर किसानों के कर्ज, बिजली बिल, स्कूली बच्चों की फीस माफ किये जाने और कम पानी में होने वाली फसलों सरसों और चने का अच्छी गुणवत्ता का बीज अनुदान पर पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध कराये जाने, नलकूप और कुंआ खोदने हेतु लक्ष्य बढ़ाकर उन्हे स्वीकृति दिये जाने, किसानों की खरीफ फसल मक्का का उत्पादन कम वर्षा के कारण 50 प्रतिशत से कम होने की संभावना है।
तत्काल सर्वे कराकर दिया जाए मुआवजा
सितंबर माह में बाकी कसर आंधी, तूफान में फसल के गिरने से भारी नुकसान किसानों को हुआ है और फसलें खराब हो गई व इसके अतिरिक्त सोयाबीन फसल के कम वर्षा होने से सूखने और यलो मोजेक बीमारी से नष्ट होने के कारण जिले में तत्काल सर्वे करवाकर किसानों को मुआवजा व फसल बीमा प्रदान करने सहित जिले में मक्का उत्पादक किसानों को सही और उचित भाव नहीं मिल पाता एवं किसानों को मंडियो में 1200 से 1500 रूपये प्रति क्विंटल मक्का उपज बेचने पर मजबूर होना पड़ता है, किसानों से मक्का उपज समर्थन मूल्य 2410 रूपये प्रति क्विंटल खरीदी कर उस पर लागत अधिक होने से 200 रूपये प्रति क्विंटल बोनस दिया जाये। कांग्रेस ने 3 सूत्रीय मांगो को ज्ञापन मुख्यमंत्री और कलेक्टर को प्रेषित किया है। किसान कांग्रेस ने चेतावनी दी है कि उपरोक्त मांगें अविलम्ब पूरी नहीं की गई तो कांग्रेस किसान हित में उग्र आंदोलन करेगी जिसकी सम्पूर्ण जवाबदारी शासन व प्रशासन की होगी।