भाजपा सरकार ने छिन्दवाड़ा व पांढुर्ना के साथ फिर किया सौतेला व्यवहार: नकुलनाथ
राजनीति
26-Sep-26
भाजपा सरकार की दी हुई महंगाई के हाथों लुटने को मजबूर और बेबस है यात्री

छिन्दवाड़ा
जिले के पूर्व सांसद नकुलनाथ ने सरकार की सुगम बस परिवहन सेवा में छिन्दवाड़ा व पांढुर्ना जिले के साथ सौतेला व्यवहार किए जाने पर भाजपा सरकार को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि वर्षों से सत्तासीन सरकार यही करती आ रही है। संसदीय क्षेत्र छिन्दवाड़ा के साथ अछूता व्यवहार भाजपा की व्यवहारिकता बन गई है जिसे जनता ने मप्र के पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ के कार्यकाल में स्वीकृत योजनाओं में की गई कटौती व सौतेले बर्ताव को देखा है। मप्र के 07 शहरों से प्रारंभ हुई बस सेवा में छिन्दवाड़ा व पांढुर्ना को क्यों शामिल नहीं किया गया ? क्या छिन्दवाड़ा व पांढुर्ना मप्र के हिस्से नहीं है?
सुगम बस परिवहन में क्यों नहीं किया छिंदवाड़ा-पांढुर्णा को शामिल
कांग्रेस की सरकार और पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ के कार्यकाल में छिन्दवाड़ा का स्थान प्रथम रहता था। प्रदेश और देश में कोई भी पायलेट प्रोजेक्ट प्रारंभ होता तो उसमें या तो छिन्दवाड़ा शामिल रहता था या फिर उसकी शुरुआत यहां से होती थी, जनता ने वह दौर और दिन और समय भी देखा है। विगत 22 वर्षों की भाजपा सरकार के कार्यकाल में केवल सौतेल व्यवहार मिला, बजट में अनदेखी मिली, कोई नई योजना और परियोजना नहीं मिली। मिली तो सिर्फ और सिर्फ निराशा ही मिली है। इसका प्रत्यक्ष व ताजा प्रमाण सीएम सुगम परिवहन बस सेवा है। 07 शहरों को जोड़ा गया, लेकिन छिन्दवाड़ा और पांढुर्ना को छोड़ दिया आखिर ऐसा क्यों ? इन दोनों जिलों के साथ कितना और किस हद तक का बैर निभागीय भाजपा सरकार? कमलनाथ जी के मुख्यमंत्रीत्व कार्यकाल के दौरान स्वीकृत योजनाओं व परियोजनाओं के साथ भी यही किया। मेडिकल कॉलेज का बजट आधा किया, विश्वविद्यालय भवन बनकर तैयार नहीं हुआ। हॉर्टिकल्चर कॉलेज भवन विहीन है और एग्रीकल्चर कॉलेज को भाजपा सरकार ने खुलने ही नहीं दिया। ऐसे अनेक उदाहरण है। प्रश्न यह है कि आखिर छिन्दवाड़ा संसदीय क्षेत्र के साथ ही ऐसा क्यों करती है भाजपा सरकार?
भाजपा के जिम्मेदारों ने भी नहीं किया कोई प्रयास
बस सेवा से छिन्दवाड़ा-पांढुर्ना जिले को भी जोड़ लिया जाता तो यहां के यात्रीगण भी भाजपा सरकार की दी हुई महंगाई के हाथों यात्री लुटने से बच जाता। सरकार ने अपनी रीति और नीति को कायम रखते हुए दोनों ही जिलों को इस सेवा से अछूता रखा। दुर्भाग्य भी देखिए कि जिम्मेदारों ने दोनों जिलों को शामिल कराने के लिए कोई प्रयास भी नहीं किए और ना ही आवाज उठाई। यह विषय राजनीति का नहीं बल्कि जिले के प्रत्येक नागरिक का हक है कि उन्हें भी सरकार की सेवाओं का लाभ मिले, लेकिन उन्हें हर बार भाजपा सरकार के सौतेलेपन का सामना करना पड़ता है। प्रदेश के 7 शहरों से शुरू की गई है, लेकिन इस सुविधा से छिंदवाड़ा और पांढुर्णा जिला अछूता रह गया। नागरिकों को अब भी महंगाई की मार झेलनी पड़ेगी।
पूर्व सांसद नकुलनाथ ने किया आग्रह
मेरा मप्र की भाजपा सरकार से आग्रह है कि छिन्दवाड़ा व पांढुर्ना जिले को भी शासकीय परिवहन सेवा से जोड़ा जाए ताकि यहां के नागरिक भी सुगम व सुलभ सफर कर सके। पेट्रोलियम पदार्थों के बढ़े हुए मूल्यों के बाद से ही महंगाई ने आम आदमी कमर तोड़ दी है। अगर परिवहन सेवा के माध्यम से ही कुछ राहत मिल जाए तो जनता के लिए यह राहत पहुंचाने वाला निर्णय होगा। भाजपा सरकार भेदभाव छोड़कर, जनता के हितों को ध्यान में रखते हुए अविलम्ब शासकीय बस सेवा से दोनों ही जिले को जोड़ें।