शिव तांडव ढोल-ताशा पथक की गूंज के बीच होगी महाराजा की विदाई
धर्म
25-Sep-26
छिंदवाड़ा के महाराजा का भव्य विसर्जन चल समारोह की तैयारियां शुरू
माता बगलामुखी स्वरूप में सजेगा महाराजा का भव्य विसर्जन रथ

छिंदवाड़ा
श्री छिंदवाड़ा के महाराजा के 15वें वर्ष का गणेशोत्सव अब अपने अंतिम पड़ाव पर है और महाराजा की विदाई को यादगार बनाने के लिए भव्य तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। पुराना गुरैया नाका स्थित स्थापना स्थल से दोपहर 1 बजे निकलने वाला विसर्जन चल समारोह इस बार शहर के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र रहेगा। महाराष्ट्र की परंपरा, ढोल-ताशों की गूंज, भव्य रथ, आकर्षक रोशनी और आतिशबाजी के बीच महाराजा को भावपूर्ण विदाई दी जाएगी।
समिति के संस्थापक अमित राय एवं कोषाध्यक्ष डॉ. चंद्रकांत विश्वकर्मा ने बताया कि विसर्जन चल समारोह की शुरुआत ही विशेष अंदाज में होगी। स्थापना स्थल के समीप बनाए गए भव्य प्रवेश द्वार पर महाराष्ट्र की परंपरा की तर्ज पर गुलाल से श्री छिंदवाड़ा के महाराजा का अभिषेक किया जाएगा। इसके बाद महाराजा का रथ विसर्जन यात्रा के लिए रवाना होगा।
शिव तांडव ढोल-ताशा वादकों की प्रस्तुति बनेगी मुख्य आकर्षण
इस बार विसर्जन चल समारोह में महाराष्ट्र के सुप्रसिद्ध शिव तांडव ढोल-ताशा पथक की विशेष प्रस्तुति होगी। महाराष्ट्र के दल पारंपरिक ढोल-ताशों के साथ अपनी प्रस्तुति देगा। ढोल-ताशों की गूंज के बीच निकलने वाली शोभायात्रा में भक्तों का उत्साह देखते ही बनेगा।
माता बगलामुखी के स्वरूप में नजर आएगा महाराजा का रथ
विसर्जन समारोह की एक और खासियत महाराजा का भव्य रथ होगा। इस वर्ष रथ को विशेष रूप से माता बगलामुखी का पूर्ण स्वरूप प्रदान किया जा रहा है। रथ पर आकर्षक लाइटिंग की विशेष व्यवस्था की जा रही है, जिससे शोभायात्रा के दौरान रथ का स्वरूप और भी भव्य दिखाई देगा। युवाओं को ध्यान में रखते हुए शासन द्वारा निर्धारित नियमों के अनुरूप विशेष डीजे साउंड सिस्टम की व्यवस्था भी की जा रही है।
पीला कुर्ता-लाल धोती और लाल साड़ी में नजर आएगा संकल्प
विसर्जन चल समारोह में शामिल होने वाले पुरुषों के लिए पीला कुर्ता और लाल धोती, जबकि मातृशक्ति के लिए लाल साड़ी का ड्रेस कोड रखा गया है। पारंपरिक परिधान में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं की सहभागिता शोभायात्रा को विशेष आकर्षण प्रदान करेगी।
ईएलसी चौक से बस स्टैंड तक आतिशबाजी का नजारा
महाराजा की विदाई के दौरान शहर के प्रमुख स्थान भी रोशनी और आतिशबाजी से जगमगाएंगे। ईएलसी चौक पर विशेष आतिशबाजी की व्यवस्था रहेगी। इसके अलावा फव्वारा चौक, इंदिरा तिराहा और बस स्टैंड क्षेत्र में आकर्षक इलेक्ट्रॉनिक आतिशबाजी की जाएगी।
जगह-जगह होगा स्वागत, गूंजेगा गणपति बप्पा मोरया
विसर्जन शोभायात्रा के मार्ग में विभिन्न सामाजिक एवं धार्मिक संगठनों द्वारा महाराजा का स्वागत एवं पूजन किया जाएगा। शहरभर में भक्तों द्वारा महाराजा के दर्शन कर उन्हें भावपूर्ण विदाई दी जाएगी।
गुरैया नाका से छोटा तालाब तक निकलेगी भव्य शोभायात्रा, विसर्जन चल समारोह पुराना गुरैया नाका स्थित स्थापना स्थल से दोपहर 2 बजे प्रारंभ होगा। यहां से शोभायात्रा गुरैया नाका, परशुराम वाटिका, ईएलसी चौक, फव्वारा चौक, इंदिरा तिराहा, बस स्टैंड और पुराना जेल बाजार होते हुए छोटा तालाब स्थित विसर्जन स्थल पहुंचेगी।
समिति पदाधिकारी संदीप अग्निहोत्री एवं इमरत चक्रवर्ती ने शहरवासियों और गणेश भक्तों से अपील की है कि वे बड़ी संख्या में शामिल होकर श्री छिंदवाड़ा के महाराजा को भावपूर्ण विदाई दें तथा विसर्जन चल समारोह को भव्य, अनुशासित एवं गरिमामय बनाने में सहयोग करें। समिति सदस्यों का दावा है कि 15वें वर्ष में महाराजा की यह विदाई केवल विसर्जन यात्रा नहीं, बल्कि भक्ति, परंपरा और उत्साह का ऐसा संगम होगा, जिसे शहर लंबे समय तक याद रखेगा।