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जनप्रतिनिधियों के साथ मिलकर जिला प्रशासन ने बनाई सिंचाई के लिए जल योजना

जनप्रतिनिधियों के साथ मिलकर जिला प्रशासन ने बनाई सिंचाई के लिए जल योजना
कृषि जगत
19-Oct-26
सिंचाई के लिए 15 नवंबर से खोली जाएंगी नहरें

इस बार एक पलेवा में 21 दिन की बजाय 15 दिनों तक ही दिया जाएगा सिंचाई के लिए पानी 

100 प्रतिशत भरे जलाशयों से ही मिलेगा 01 पलेवा 03 पानी

छिन्दवाडा अपडेट

जिला जल उपयोगिता समिति की बैठक आज कलेक्‍टर हरेंद्र नारायन की अध्‍यक्षता में छिंदवाड़ा सांसद विवेक बंटी साहू, अमरवाड़ा विधायक कमलेश प्रताप शाह, चौरई विधायक सुजीत सिंह चौधरी, पूर्व विधायक चौरई पं.रमेश दुबे एवं अन्य जनप्रतिनिधियों और लखन वर्मा व संजय पटेल सहित जिले के उन्‍नत कृषकों की उपस्थिति में कलेक्टर कार्यालय छिंदवाड़ा के सभाकक्ष में संपन्‍न हुई।

बैठक में निर्धारित एजेंडा बिंदुओं के अनुसार रबी सिंचाई निर्धारण एवं नहर संचालन, 25 प्रतिशत से कम जलभराव वाले जलाशयों की स्थिति, वर्ष 2026 - 27 रबी सिंचाई के लक्ष्य निर्धारण, पेंच परियोजना की स्थिति, स्टॉप डैम के गेट बंद करने के कार्य आदि बिंदुओं पर विस्तृत चर्चा उपरांत सर्वसम्मति से महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। बैठक में सीईओ जिला पंचायत अग्रिम कुमार, एसडीएम छिंदवाड़ा पुष्पेंद्र निगम, कार्यपालन यंत्री एवं समिति सचिव श्रीमती कुमकुम पटेल, कार्यपालन यंत्री पेंच परियोजना जे.के.मर्सकोले एवं प्रभाकर टेकाम, अधीक्षण यंत्री मध्यप्रदेश पूर्व क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी श्री सुनील कुमार सिन्हा सहित जल संसाधन विभाग के एसडीओ और उपयंत्री उपस्थित थे।

15 नवंबर से मिलेगा सिंचाई के लिए पानी 

बैठक में सभी जलाशयों की नहरों को 15 नवंबर से खोलने का निर्णय लिया गया, जिससे छिंदवाडा जिले के 72418 हेक्‍टेयर में रबी सिंचाई के लिए पानी उपलब्‍ध कराया जायेगा। इसमें पेंच व्यपवर्तन वृहद परियोजना से 48532 हेक्टेयर, 108 लघु सिंचाई परियोजनाओं से 17880 हेक्टेयर और स्टॉप डैम व बैराज से 6006 हेक्टेयर पानी देने का निर्णय किया गया। बैठक में पिछली बैठक एवं दिशा की बैठक में दिए गए निर्देशों के पालन प्रतिवेदन पर भी चर्चा की गई। सांसद श्री साहू एवं अन्य जनप्रतिनिधियों द्वारा नहरों के अंतिम छोर तक के किसानों को सिंचाई के लिए जल उपलब्ध कराने लिए समुचित व्यवस्थाएं बनाने पर जोर दिया गया। बैठक में सांसद श्री साहू द्वारा माइक्रो इरीगेशन 1 और 2 की प्रगति की जानकारी भी ली गई और लापरवाह ठेकेदारों को अभी तक टर्मिनेट न करने पर नाराजगी जाहिर की, जिसके लिए कलेक्टर ने वरिष्ठ कार्यालय से समन्वय करने और अर्धशासकीय पत्र तैयार करने के निर्देश कार्यपालन यंत्री को दिए।

साथ ही उन्होंने सख्त निर्देश दिए कि जलाशयों में कम भराव की स्थिति को देखते हुए नहरों में अवैध पंप लगाकर पानी चोरी करने वालों पर संयुक्त टीम बनाकर सख्ती से कार्यवाही करें और किसी भी तरह से पानी की बर्बादी न होने दें। बैठक में पानी चोरी रोकने के लिए पंपों के लिए टेम्परेरी विद्युत कनेक्शन (टी.सी.) नहीं देने का निर्णय लिया गया। सभी स्टॉप डैमों के गेट 26 अक्टूबर तक बंद कराने और नहरों में आवश्यक मरम्मत कार्य शीघ्र कराने के निर्देश दिए गए। अमरवाड़ा विधायक श्री शाह ने नए विद्युत ट्रांसफार्मर अमरवाड़ा क्षेत्र में ही उपलब्ध रखने के निर्देश दिए, जिससे ट्रांसफार्मर खराब होने की स्थिति में तत्काल बदला जा सके।

जिले के जलाशयों में जल भराव की स्थिति

बैठक में जिले की 01 वृहद परियोजना पेंच परियोजना , 01 मध्यम कन्हरगांव परियोजना एवं 108 लघु सिंचाई परियोजनाओं और 43 स्टॉप डैम को मिलाकर कुल 153 योजनाओं में 30 सितंबर की स्थिति में जलभराव की जानकारी प्रस्तुत की गई। पेंच व्यपवर्तन वृहद परियोजना में 88.5 प्रतिशत और कन्हरगांव परियोजना में केवल 5 प्रतिशत जल भराव हुआ है। जिले के कुल जलाशयों में से 44 जलाशय 0 से 25 प्रतिशत तक भरे हैं।

जल भराव के अनुरूप दिया जाएगा सिंचाई के लिए पानी 

बैठक में सर्व सम्मति से निर्णय लिया गया कि जलाशयों के जल भराव के अनुरूप ही क्षेत्र के किसानों को सिंचाई के लिए पानी दिया जाएगा। केवल 100 प्रतिशत भरे जलाशयों से 1 पलेवा, 3 पानी दिया जाएगा, 100 से कम लेकिन 75 प्रतिशत से अधिक भरे जलाशयों से 1 पलेवा, 2 पानी, 75 से 50 प्रतिशत तक भरे जलाशयों से 1 पलेवा, 1 पानी और 50 से 25 प्रतिशत तक भरे जलाशयों से केवल 1 पलेवा पानी दिया जाएगा। साथ ही इस बार एक पलेवा में 21 दिन की बजाय 15 दिनों तक ही सिंचाई के लिए पानी देने का निर्णय लिया गया । सांसद श्री साहू ने इस संबंध में क्षेत्र के किसानों को जागरूक करने और उसी अनुरूप कम पानी वाली फसलें लगाने के लिए व्यापक प्रचार - प्रसार करने के निर्देश दिए। कम पानी वाली फसल की किसानों को बोनी की सलाह देते हुए बताया गया कि चना, सरसों एवं मसूर किसानों के लिए है बेहतर विकल्प हैं, 3 से अधिक पानी सुनिश्चित हो तभी गेहूं की बोनी करें।


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