भाजपा सरकार ने बिजली विभाग को वसूली का माध्यम बना लिया
राजनीति
07-Oct-26
छिन्दवाड़ा अपडेट

भाजपा शासित प्रदेश सरकार ने बेतहाशा मंहगाई की मार झेल रही जनता पर विद्युत विभाग के माध्यम से लूट मचा रखी है। विद्युत उपभोक्ता खपत से ज्यादा बिजली बिल का भुगतान से हलाकान है। विभिन्न चार्ज के माध्यम से जनता की जेब में डाका डाला जा रहा। बिजली दरों में फ्यूल सरचार्ज तीन फीसदी बढ़ाकर जनता से लूट की जा रही। कांग्रेस जनसमस्या निवारण प्रकोष्ठ के अध्यक्ष मुकेश उपाध्याय जारी प्रेस विज्ञप्ति में उक्त उदगार व्यक्त किए।
प्रदेश के मध्यम वर्गीय 1 करोड़ 70 लाख 30 हजार घरेलू उपभोक्ताओं पर वितरण कंपनियों ने फ्यूल एंड पावर परचेज एडजस्टमेंट चार्ज (एफ.पी.पी.ए.एस) की दरों में बदलाव किया है इससे जनता पर मंहगाई का अतिरिक्त बोझ पडेगा। 24 सितम्बर से 23 अक्टूबर तक की अवधि के लिए एफपीपीएएस चार्ज को 4.59 फीसदी से बढ़ाकर 5.06 फीसदी किया गया है। कंपनियों द्वारा यह शुल्क बिजली की मूल दरों के बजाय ऊर्जा शुल्क पर लगाया गया है, जिसका असर प्रदेश के विद्युत उपभोक्ताओं पर पडे़गा। चार्ज ऐसे समय में बढ़ाया गया है जब मोजूद वितीय वर्ष 2026--27 1 अप्रैल से 4.8 प्रतिशत की बिजली दर प्रभावी है।
फ्यूल सरचार्ज में लगातार तीन गुना बढ़ोत्तरी कर उपभोक्ताओं से खुली लूट मचाई जा रही। जबकि प्रदेश में विद्युत वितरण व्यवस्था चौपट हो गई है ग्रामीण क्षेत्रों में किसानों को सिंचाई हेतु पर्याप्त मात्रा में बिजली उपलब्ध नहीं है। नल जल योजना ठप्प पडी़ है भाजपा की प्रदेश सरकार ने वितरण कंपनियों के जरिये खुली लूट मचा रखी है इस पर तत्काल रोक लगाई जाना चाहिए एवं फ्यूल सरचार्ज में तीन गुना वृद्धि वापस होना चाहिए। अन्यथा कांग्रेस जनसमस्या निवारण प्रकोष्ठ प्रदेश सरकार की जनविरोधी नीतियों के खिलाफ विरोध प्रदर्शन करेगा।