मखाना खेती के इच्छुक किसानों से कृषि विभाग ने बुलाए आवेदन
कृषि जगत
13-Oct-26
मखाना खेती को मिलेगा बढ़ावा, छिंदवाड़ा जिले में 6 हेक्टेयर का लक्ष्य निर्धारित

छिन्दवाडा अपडेट
जिले में मखाना की खेती को प्रोत्साहित करने और कृषकों को नई कृषि गतिविधियों से जोड़ने के उद्देश्य से उद्यानिकी एवं खाद्य प्रसंस्करण विभाग द्वारा वित्तीय वर्ष 2026-27 में ‘सेंट्रल सेक्टर स्कीम फॉर डेवलपमेंट ऑफ मखाना’ के अंतर्गत विभिन्न घटकों के लिए लक्ष्य निर्धारित किए गए हैं। योजना के माध्यम से मखाना उत्पादन को बढ़ावा देने के साथ ही पात्र कृषकों को अनुदान का लाभ दिया जाएगा। इसके लिए जिले के इच्छुक कृषकों से आवेदन आमंत्रित किए गए हैं।
उप संचालक उद्यान छिंदवाड़ा एम.एल. उइके ने बताया कि योजना के अंतर्गत मखाना की खेती के लिए तालाब एवं प्रक्षेत्र में उत्पादन, नर्सरी विकास तथा नवीन तालाब निर्माण सहित विभिन्न गतिविधियों के लिए सहायता उपलब्ध कराई जाएगी। इसके साथ ही मखाना उत्पादन में आईएनएम एवं आईपीएम तकनीकों को अपनाने के लिए भी कृषकों को प्रोत्साहित किया जाएगा।
तालाब एवं प्रक्षेत्र में मखाना उत्पादन के लिए 3-3 हेक्टेयर का लक्ष्य
योजना के अंतर्गत ‘तालाब में मखाना खेती नर्सरी सहित कृषकों के लिए’ घटक में कुल 3 हेक्टेयर का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इसमें सामान्य वर्ग के लिए 1.750 हेक्टेयर, अनुसूचित जनजाति वर्ग के लिए 1.000 हेक्टेयर तथा अनुसूचित जाति वर्ग के लिए 0.250 हेक्टेयर का लक्ष्य शामिल है। इस घटक में पात्र कृषकों को 71,600 रुपये प्रति हेक्टेयर अनुदान दिए जाने का प्रावधान है।
इसी प्रकार, ‘मखाना की खेती प्रक्षेत्र कल्टीवेशन नर्सरी सहित कृषकों के लिए’ घटक में भी कुल 3 हेक्टेयर का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इसमें सामान्य वर्ग के लिए 1.750 हेक्टेयर, अनुसूचित जनजाति वर्ग के लिए 1.000 हेक्टेयर तथा अनुसूचित जाति वर्ग के लिए 0.250 हेक्टेयर का लक्ष्य रखा गया है। इस घटक के अंतर्गत पात्र कृषकों को 52,800 रुपये प्रति हेक्टेयर अनुदान का लाभ मिलेगा।
नवीन तालाब निर्माण और हार्वेस्टिंग सामग्री पर भी सहायता
नवीन तालाब निर्माण के माध्यम से मखाना की खेती को बढ़ावा देने के लिए 0.800 हेक्टेयर का लक्ष्य प्राप्त हुआ है। इसमें सामान्य वर्ग के लिए 0.600 हेक्टेयर तथा अनुसूचित जाति वर्ग के लिए 0.200 हेक्टेयर का लक्ष्य निर्धारित है। इस घटक में 2,80,000 रुपये प्रति हेक्टेयर अनुदान का प्रावधान किया गया है। इसके अतिरिक्त, योजना के अंतर्गत ‘पारंपरिक गांज हार्वेस्टिंग सामग्री’ के लिए सामान्य वर्ग में एक इकाई का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इस इकाई की लागत 3,200 रुपये है, जिस पर 50 प्रतिशत अनुदान दिए जाने का प्रावधान है।
उप संचालक उद्यान एम.एल. उइके ने जिले के इच्छुक कृषकों से योजना का लाभ लेने के लिए आवेदन करने की अपील की है। कृषक अपने विकासखंड के वरिष्ठ उद्यान विकास अधिकारी अथवा ग्रामीण उद्यान विस्तार अधिकारी से संपर्क कर योजना के घटकों, पात्रता एवं आवेदन प्रक्रिया की विस्तृत जानकारी प्राप्त कर सकते हैं। पंजीयन एवं निर्धारित प्रक्रिया पूर्ण करने के बाद पात्रतानुसार योजना का लाभ प्राप्त किया जा सकता है।