मां पीतांबरा डेवलपर्स के खिलाफ नगर निगम के सख्त तेवर
छिंदवाड़ा
22-Sep-26
निगम के अनुसार खजरी के महेश कुमार माधवानी की कॉलोनी भी अवैध
बिना अनुमति प्लॉट बेचने की कोशिशों पर निगम आयुक्त सीपी राय ने दिए कार्यवाही के संकेत

छिंदवाड़ा
नगर पालिक निगम छिंदवाड़ा सीमांतर्गत बिना सक्षम अनुमति अवैध कॉलोनी निर्माण करने और आम नागरिकों को गुमराह कर भूखंड बेचने वालों के विरुद्ध निगम आयुक्त सी.पी. राय के सख्त रुख के बावजूद भू-माफियाओं और लापरवाह कॉलोनाइजर्स की मनमानी थमने का नाम नहीं ले रही है। नगर निगम द्वारा पूर्व में कारण बताओ नोटिस जारी किए जाने के बाद भी संबंधित भूमि स्वामियों द्वारा आम जनता एवं संभावित क्रेताओं को भ्रामक व झूठी जानकारी देकर बिना सक्षम अनुमति के भूखंडों का विक्रय लगातार जारी रखा गया है।
मां पीतांबरा डेवलपर्स के राजेश बरपेटे को जारी किया नोटिस
नोटिस मिलने के बाद भी बुलंद हो रहे ऐसे हौसलों पर संज्ञान लेते हुए निगम आयुक्त द्वारा सख्त से सख्त वैधानिक कार्यवाही के निर्देश दिए गए हैं। मौजा पोआमा स्थित मां पीतांबरा डेवलपर्स द्वारा खसरा नंबर119/2 (रकबा 1.659 हेक्टेयर) की भूमि स्वामी राजेश बरपेटे को बिना भूमि व्यपवर्तन (डायवर्सन), कालोनाइजर लाइसेंस, रेरा पंजीयन एवं विकास अनुमति के प्लॉट विक्रय करने पर नगर निगम द्वारा कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है।
निवासी महेश कुमार माधवानी को निगम ने दिया नोटिस
इसी प्रकार, मौजा खजरी स्थित खसरा नंबर 317/1/1/2/1/1 (रकबा 2.778 हेक्टेयर) भूमि पर अनाधिकृत रूप से कॉलोनी विकसित करने पर महेश कुमार माधवानी (निवासी खजरी) को भी निगम आयुक्त सी.पी. राय द्वारा कारण बताओ नोटिस जारी कर 15 दिवस के भीतर उत्तर प्रस्तुत करने के कड़े निर्देश दिए गए हैं। नोटिस की समयावधि के दौरान भी आम जनों को गुमराह कर भूखंड बेचने का प्रयास करने पर उनके विरुद्ध भी कॉलोनी को अनाधिकृत घोषित करने व दंडात्मक पुलिस कार्यवाही की अंतिम चेतावनी दी गई है।
नगर निगम की अपील
निगम आयुक्त सी.पी. राय ने सख्त लहजे में स्पष्ट किया है कि नगर निगम की चेतावनियों और नोटिसों की अवहेलना करने वाले कॉलोनाइजर्स के बुलंद हौसलों को कड़ाई से ध्वस्त किया जाएगा। नियमविरुद्ध तरीके से अवैध भूखंड बेचने वालों के विरुद्ध पुलिस प्राथमिकी सहित कड़ी से कड़ी कानूनी कार्यवाही सुनिश्चित की जाएगी। नगर निगम प्रशासन ने पुनः आम नागरिकों एवं संभावित क्रेताओं से अपील की है कि वे अपनी गाढ़ी कमाई से भूखंड क्रय करने से पूर्व नगर निगम कार्यालय से संबंधित कॉलोनी की वैधता, स्वीकृत ले-आउट, कालोनाइजर लाइसेंस एवं रेरा पंजीयन संबंधी दस्तावेजों की जांच अवश्य कर लें। फर्जी व भ्रामक दावों के झांसे में आकर ऐसी कॉलोनियों में प्लॉट न खरीदें, अन्यथा भविष्य में होने वाले किसी भी प्रकार के कानूनी व आर्थिक नुकसान के लिए क्रेता स्वयं जिम्मेदार होंगे।