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पीजी कॉलेज में पूर्व राज्यपाल एवं कुलगुरुओं का सम्मान समारोह आयोजित

पीजी कॉलेज में पूर्व राज्यपाल एवं कुलगुरुओं का सम्मान समारोह आयोजित
शिक्षा
04-Oct-26
अकादमिक क्षेत्र की हस्तियों को सम्मानित करना गौरव का क्षण: प्राचार्य डॉ. अनिल जैन

छिंदवाड़ा अपडेट

प्रधानमंत्री कॉलेज ऑफ एक्सीलेंस, शासकीय स्वशासी स्नातकोत्तर महाविद्यालय छिंदवाड़ा में आज गरिमामय सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में महाविद्यालय परिवार द्वारा तीन विशिष्ट अतिथियों का शॉल, श्रीफल एवं स्मृति-चिन्ह भेंट कर आत्मीय स्वागत एवं सम्मान किया गया।  कार्यक्रम में पूर्व राज्यपाल (छत्तीसगढ़ एवं मणिपुर), कुलाधिपति एवं महाविद्यालय की भूतपूर्व विद्यार्थी महामहिम सुश्री अनुसुइया उइके का समाज सेवा, शिक्षा एवं अकादमिक क्षेत्र में दीर्घ एवं उल्लेखनीय योगदान के लिए सम्मान किया गया। इसी क्रम में राजा शंकर शाह विश्वविद्यालय छिंदवाड़ा के कुलगुरु प्रो. इंद्रप्रसाद त्रिपाठी का दीर्घ एवं उल्लेखनीय अकादमिक योगदान, ज्ञान-सृजन, शिक्षण एवं शोध के क्षेत्र में अमूल्य सेवाओं के लिए सम्मान किया गया। अवधेश प्रताप सिंह विश्वविद्यालय रीवा के कुलगुरु एवं प्रसिद्ध भौतिकविद् प्रो. राजेन्द्र कुमार कुड़रिया का दीर्घकालीन ज्ञान-साधना, शिक्षण, शोध एवं अकादमिक नेतृत्व के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान के लिए आदर एवं कृतज्ञता व्यक्त करते हुए सम्मान किया गया।

विज्ञान संकाय की प्रयोगशालाओं का निरीक्षण

कार्यक्रम से पहले पूर्व राज्यपाल सुश्री अनुसुइया उइके, राजा शंकर शाह विश्वविद्यालय छिंदवाड़ा के कुलगुरु प्रो. इंद्रप्रसाद त्रिपाठी एवं अवधेश प्रताप सिंह विश्वविद्यालय रीवा के कुलगुरु प्रो. राजेन्द्र कुमार कुड़रिया ने महाविद्यालय के विज्ञान संकाय की समस्त प्रयोगशालाओं का निरीक्षण किया। इस दौरान प्राचार्य डॉ. अनिल जैन ने अतिथियों को लैब की सुविधाओं एवं व्यवस्थाओं की जानकारी दी। इसके बाद महाविद्यालय में अभिनंदन कार्यक्रम आयोजित किया गया। कक्ष क्रमांक 37 में भारतीय ज्ञान परंपरा के अनुसार दीप प्रज्ज्वलन कर ईश वंदना की गई। तत्पश्चात प्राचार्य डॉ. अनिल जैन एवं महाविद्यालय के समस्त वरिष्ठ प्राध्यापकों द्वारा अतिथियों का पुष्पगुच्छ, स्मृति-चिन्ह, शॉल एवं श्रीफल भेंट कर स्वागत किया गया।

प्राचार्य डॉ. जैन ने स्वागत उद्बोधन में सभी अतिथियों का स्वागत करते हुए कहा कि यह महाविद्यालय के लिए गौरव का क्षण है कि अपने-अपने क्षेत्र में उपलब्धियां हासिल करने वाली हस्तियों का सम्मान करने का अवसर महाविद्यालय को प्राप्त हुआ है। इस अवसर पर पूर्व राज्यपाल सुश्री उइके ने कहा कि यह समारोह केवल एक व्यक्ति के सम्मान का अवसर नहीं है, बल्कि यह शिक्षा, ज्ञान, नेतृत्व और समाज निर्माण जैसे आदर्श मूल्यों का सम्मान है, जिनसे हमारा राष्ट्र सशक्त और समृद्ध बनता है। उन्होंने मंच पर उपस्थित कुलगुरुओं के व्यक्तित्व की सराहना करते हुए कहा कि वे कितने सौम्य तरीके से अपने विचार रखते हैं। उनके एक-एक शब्द को जीवन में उतारने योग्य बताते हुए उनके सेवा संकल्प और जनसेवा के अभियान को महत्वपूर्ण बताया।

राजा शंकर शाह विश्वविद्यालय के कुलगुरु प्रो.त्रिपाठी ने कहा कि कोई भी व्यक्ति ऐसे ही बिना कर्म किए बड़ा नहीं होता या बड़े पद को सुशोभित नहीं करता। इसके लिए प्रत्येक व्यक्ति को अपने कर्तव्यों का निर्वहन तथा तटस्थ होकर अपनी निरंतर लगन से कार्य को परिणाम तक पहुंचाना होता है। उन्होंने छात्र-छात्राओं को संबोधित करते हुए कहा कि सफलता प्राप्त करने के साधनों के साथ-साथ आवश्यक प्रेरणादाई नियमों को भी ध्यान में रखना चाहिए।

रीवा विश्वविद्यालय के कुलगुरु प्रो. कुड़रिया ने कहा कि छिंदवाड़ा कॉलेज से उनका पुराना नाता है। एक गुरु के लिए इससे बड़ा गर्व का क्षण कुछ नहीं होता कि उसका ही पढ़ाया हुआ विद्यार्थी आज उसी के सामने शिक्षक बनकर बैठा हो। उन्होंने विद्यार्थियों को गुरु की गुरुत्व शक्तियों के महत्व से अवगत कराते हुए गुरुओं के सम्मान के लिए प्रेरित किया।

कार्यक्रम का संचालन डॉ. टीकमणि पटवारी ने किया। अतिथि परिचय एवं आभार प्रदर्शन डॉ. पी. एन. सनेसर तथा डॉ. गोपीबाला डहेरिया द्वारा किया गया। इस अवसर पर महाविद्यालय से डॉ. युवराज पाटिल, डॉ. राजेंद्र मिश्रा, डॉ. दीप्ति जैन, डॉ. सुशील पटवा, डॉ. शेखर ब्रह्मने, डॉ. सीमा सूर्यवंशी सहित प्राध्यापक एवं विद्यार्थी, एनसीसी कैडेट्स एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।
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