छोटी बाजार श्री राम मंदिर में पितृपक्ष पर हो रही भागवत कथा
धर्म
27-Sep-26
नागेंद्र ब्रह्मचारी जी ने बताए सुख और समृद्धि के मार्ग

छिंदवाड़ा
स्थानीय श्री राम मंदिर छोटी बाजार में पितृ पक्ष (श्राद्ध पर्व) के पावन अवसर पर आयोजित संगीतमयी श्रीमद्भागवत कथा के दूसरे दिन श्रद्धालुओं का जनसैलाब उमड़ पड़ा। कथा व्यास भगवताचार्य महामंडलेश्वर परम पूज्य नागेंद्र ब्रह्मचारी जी महाराज ने अपने मुखारविंद से कथा के गूढ़ प्रसंगों का सुंदर वर्णन किया।
कथा की शुरुआत शुकदेव जी महाराज के दिव्य जन्म के प्रसंग से हुई। ब्रह्मचारी जी ने बताया कि किस प्रकार शुकदेव जी ने राजा परीक्षित को श्रीमद्भागवत कथा का श्रवण कराया। कथा का महत्व समझाते हुए उन्होंने कहा कि भागवत कथा के सच्चे मन से श्रवण करने मात्र से अकाल मृत्यु का भय समाप्त हो जाता है और जीव को मोक्ष की प्राप्ति होती है।
सृष्टि की उत्पत्ति और जिम्मेदारियों का विभाजन
प्रसंग को आगे बढ़ाते हुए पूज्य महाराज श्री ने संसार की उत्पत्ति का विस्तृत वर्णन किया। उन्होंने बताया कि आदिशक्ति जगदम्बा महामाया ने ब्रह्मा जी को सृष्टि के निर्माण, भगवान विष्णु जी को इसके संचालन तथा भगवान शिव जी को तपस्या व कल्याण का दायित्व सौंपा। कथा के दौरान मधु-कैटभ वध, मनु-सतरूपा के प्राकट्य और सप्तऋषियों के आगमन के प्रसंगों का भी सुंदर बखान किया गया।
जिस घर में भक्ति, वहाँ सुख-समृद्धि
कथा के दौरान नागेंद्र ब्रह्मचारी जी ने श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए कहा, जिस घर में नियमित रूप से भगवान की भक्ति और पूजन होता है, वहाँ सदा सुख, शांति और संपत्ति का वास बना रहता है। कार्यक्रम में कई लघु कथाओं के माध्यम से जीवन जीने के सही मार्ग और धार्मिक आचरण के महत्व को समझाया गया।
कथा में बड़ी संख्या में स्थानीय श्रद्धालुओं ने उपस्थित होकर धर्म लाभ उठाया। कथा के समापन पर भव्य आरती का आयोजन किया गया, जिसके पश्चात सभी भक्तों के बीच महाप्रसाद का वितरण हुआ। आयोजकों एवं कथा समिति ने नगर के सभी धर्मप्रेमी बंधुओं से आग्रह किया है कि वे अधिक से अधिक संख्या में पधारकर संगीतमयी भागवत कथा का श्रवण करें और पुण्य लाभ अर्जित करें।