पनारा के संजय मलेसे को नहीं मिली अंत्येष्टि सहायता राशि, कलेक्टर से की शिकायत
छिंदवाड़ा
13-Oct-26
जनसुनवाई में कलेक्टर श्री नारायन ने सुनी 170 आवेदकों की समस्यायें

छिन्दवाडा अपडेट
राज्य शासन के जनसुनवाई कार्यक्रम के अंतर्गत प्रति सप्ताह मंगलवार को आम नागरिकों की समस्याओं की सुनवाई की जाती है और संबंधित विभाग के अधिकारियों से इन समस्याओं का त्वरित निराकरण कराया जाता है । कलेक्टर श्री हरेंद्र नारायन ने आज कलेक्टर कार्यालय के सभाकक्ष में आयोजित जनसुनवाई में 170 आवेदकों की समस्यायें सुनी । इस दौरान जिले के शहरी और ग्रामीण, दूरस्थ अंचलों से आये आवेदकों ने उपस्थित होकर अपनी समस्याओं के निराकरण के लिये आवेदन प्रस्तुत किये । जनसुनवाई में मुख्य रूप से ज़मीन का सीमांकन करने, नक्शा दुरूस्त करने, अतिक्रमण हटाने एवं नाला गहरीकरण करने, अनुकम्पा नियुक्ति दिलाने, प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ दिलाने, बिजली पानी की समस्या आदि से संबंधित आवेदन प्राप्त हुये। जनसुनवाई के दौरान आवेदकों के बैठने की व्यवस्था भी की गई थी।
कलेक्टर श्री नारायन ने विभिन्न आवेदनों में तत्काल प्रकरण नोट कराते हुए तत्परता के साथ निराकरण करने के निर्देश संबंधित अधिकारियों को दिए। उन्होंने कई प्रकरणों को समय सीमा की बैठक में समीक्षा के लिए भी चिन्हांकित किया। जनसुनवाई कार्यक्रम में आज ग्राम पनारा के संजय मलेसे ने अंत्येष्टि सहायता राशि और अनुग्रह सहायता राशि दिलाने, ग्राम कालाधुनी के रामेश्वर गाडरे ने पीएम आवास योजना के अंतर्गत पक्का आवास स्वीकृत कराने, अमरवाड़ा की श्रीमती सीमा बट्टी ने अनुकम्पा नियुक्ति की स्वीकृति दिलाने, ग्राम खैरीलद्द के ग्रामीणों ने भू-स्वामित्व योजना के अंतर्गत ड्रोन सर्वे में नाम छूट जाने पर इसे पुनः दर्ज कराने, ग्राम सिंगोड़ी की श्रीमती संध्या कादरी ने शासकीय पट्टा वितरण योजना के अंतर्गत आवास हेतु शासकीय भूमि का भू-खंड स्वीकृत करने, ग्राम काराघाट के विजय वर्मा ने भूमि का राजस्व रिकॉर्ड दुरूस्त करने, ग्राम कठोतियाबुर्री के काशीराम यदुवंशी ने परिवार की समग्र आईडी बनवाने एवं छिंदवाड़ा नगर के दिन्नू डेहरिया ने जाति प्रमाण पत्र बनवाने आदि के आवेदन प्रस्तुत किये। इस दौरान कलेक्टर कार्यालय के सभाकक्ष में सीईओ जिला पंचायत अग्रिम कुमार व एडीएम धीरेन्द्र सिंह सहित विभिन्न विभागों के जिला स्तरीय और संबंधित अधिकारियों द्वारा भी आवेदनों पर सुनवाई की गई, जबकि अन्य सभी खंड स्तरीय अधिकारी वीसी के माध्यम से जनसुनवाई में शामिल हुये।